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जामताड़ा के जंगल में बैठ, फोन पर लूट रहे हैं सारे देश को

भरोसा भी नहीं होगा, उस तरीके से लूटते हैं. जानिए और लूटे जाने से बचिए.

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फोटो - thelallantop
क्या आपको भी फोन आते हैं. फोन सबको आते हैं. आपको बैंक का आता होगा भले आपके पास मूनियन बैंक का एटीएम है, ये आपको कहते हैं आपका एफबीआई का कार्ड बंद होने को है. ये आपसे CVV नंबर ऐसे मांगते हैं कि पीछे ही पड़ जाते हैं, वैसे ही जैसी हमारी बुआ हमारे पीछे पड़ी है चौबीस के हो गए हो ब्याह कर लो.

ये लोग फोन पर आपका पासवर्ड जानना चाहते हैं, इत्ती हिम्मत तो नए रिलेशनशिप में न्यूड्स मंगाने वाले प्रेमी भी डिजिटली नहीं कर पाते. और एटीएम का कार्ड नंबर तो ये ऐसे मांगते हैं जैसे न दोगे तो अभी बैंक वाले इनकम टैक्स वालों के साथ आपके घर पर छापा मारके कुर्की करा लेंगे. और इनको कुछ बता दो तो आपका अकाउंट साफ़ हो जाता है, फेसबुक का नहीं. बैंक का.
एक युवती ने जब फोन वाले अंकिल को अपना CVV नंबर बताया!

अब जब भी आपको कोई ऐसा फिशिंग वाला कॉल आए जिसमें कोशिश की जा रही हो आपके यूजरनेम, कार्ड नंबर, ओटीपी पासवर्ड समेत कोई भी अति पर्सनल, परम सीक्रेट नंबर या जानकारी मांगी जा रही हो. तो पूछना जामताड़ा से बोल रहे हो न भाई?

जामताड़ा सवा दो सौ किलोमीटर दूर है. रांची से. रांची झारखंड में है सो जामताड़ा भी झारखंड में है. बहुत फेमस जगह नहीं है लेकिन नाम हमने आपने सुन रखा है. दस लाख के आसपास जनसंख्या होगी. छोटी सी जगह है. शांत से लोग हैं. विकीपीडिया पर जामताड़ा के लिए लिखा है.
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लोग अच्छे हैं, शांति से रहते हैं, फ्रेंडली हैं. अब जाने क्यों कुछ लोग इस चीज को बदलने में लगे हैं. दरअसल ये जगह फोन पर फिशिंग कॉल का गढ़ बना हुआ है, यहां से फर्जी फोन कॉल कर लोगों को बहुत लूटा जा रहा है. इंडिया टुडे वालों ने अपनी जांच-पड़ताल में ये चीज खोजी. पुलिस को भी सारा आईडिया है कि कालीन के नीचे कितनी धूल है. बाकी लोग तो ठीक-ठाक हैं. उनींदे शहर में वैसे ही रह रहे हैं पर कुछ लोग बड़ी तरक्की कर रहे हैं. उनके घर में LED टीवी हैं, सोफा हैं, महंगे बिस्तर समेत खूब चकाचौंध वाला हिसाब किताब है.
इंडिया टुडे की इन्वेस्टीगेशन में ये पता लगा कि जामताड़ा के युवा इस काम में बड़े सलीके से जुटे हैं. झारखंड का ये जिला देश को फोन के जरिये लूटने वालों का गढ़ बना है. यहां से जोरोशोरों में पर्सनल, प्राइवेट जानकारी निकालकर लूटने का धंधा बगर रहा है. आईबी और एनआईए का ध्यान भी अब इस ओर आया है. वो बताते हैं ज्यादातर ऐसे कांड यहीं से हो रहे हैं.
इंडिया टुडे वालों ने पूरे रैकेट का पता लगाया, ये लुटेरे जंगल में बैठकर आपको फोन करते हैं. और हर वो तरीका भिड़ाते हैं, जिससे आपको लूटा जा सके. और इनका सबसे बड़ा हथियार होता है आपका डर. ये इतना डराते हैं कि आम आदमी डर के मारे ऐसे ही सब उनको बता देता है. सबको सब पता नहीं होता न. ये देश तो व्हाट्सएप पर वायरल मैसेज पढ़ कर राय बनाने वाला है. अब उनको कोई फोन कर ये कह दे कि मोदी सरकार के नए नियम के हिसाब से आपने अपने खाते में जो चीजें बदलवाई हैं वो वेरीफाइड नहीं हैं. बस फिर क्या? मोदी, सरकार, बैन और निया सुनकर आदमी की फूंक सरक जाती है. वो बैंक वाले को सब बता देता है. जबकि वो बैंक वाला नहीं होता, जामताड़ा में किसी जंगल में किसी बाइक पर बैठे दांत खुरच रहा लौंडा होता है.
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इंडिया टुडे वालों को एक ऐसा ही ठगोड़ा मिला नाम था असगर, उसने बताया कैसे वो पैसे कटने के नाम पर डराते हैं. यहां तक डराते हैं कि ऐसा न किया तो जेल चले जाओगे, और लोग डर के मारे अपनी अकाउंट डीटेल्स दे डालते हैं. ऐसा वो किसी बड़ी कंपनी या बैंक से बोल रहे हैं कहकर करते हैं. और कमाई इनकी पता है कितनी होती है? एक आदमी मौके पर फंस जाए तो घंटे भर में ये लाख रुपये भी कमा लेते हैं.
और ये लोगों को फंसाते अकिसे हैं? कहीं भी कैसे भी कॉल करके. देश के किसी भी जिले का एक फोन कोड और सीरीज होता ही है, मानो 9893 बस आगे बुद्धि लगाओ और अंत के दो नंबर बदलते जाओ. इतना ही नहीं ये अलग-अलग लोगों से अलग-अलग भाषा और टोन में बात करने के लिए अलग-अलग राज्य में घूमते भी हैं.
जब से नोटबंदी हुई है, लोगों का डर और बढ़ गया है. उनको बहुत कम चीजें पता है. इसका फायदा ये लोग और उठा रहे हैं. एक-दो कार्ड से आजकल लाखों कमा रहे हैं. पुलिस वालों को भी ये पता है, क्योंकि ज्यादातर तार यहीं से जुड़ते हैं. कितने तार? ये जानिए कि 80% कांड यहीं से हो रहे हैं.

ऑनलाइन लुट जाएं तो इस तरीके से मिल जाएगा अपना पइसा

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