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कुश्ती का जिम्मा फिर WFI के पास, IOA ने एडहॉक कमेटी को भंग करने की वजह बताई

IOA की तरफ से ये भी बताया गया कि UWW के निर्देशों के मुताबिक ये जरूरी है कि WFI में दुर्व्यवहार और उत्पीड़न व अन्य चिंताओं को दूर करने के लिए जल्द से जल्द सेफगार्डिंग कमेटी/ऑफिसर को नियुक्त करे.

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UWW ने 23 अगस्त 2023 को फेडरेशन को चुनाव समय से नहीं कराने की वजह से सस्पेंड कर दिया था. (फोटो- ट्विटर)

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने एडहॉक कमेटी को भंग कर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को बहाल कर दिया है (IOA dissolves wrestlings ad hoc committee). सरकार के स्पोर्ट्स कोड के उल्लंघन से बाद कुश्ती महासंघ को चुनाव के तीन दिन बाद खेल मंत्रालय ने निलंबित कर था. निलंबन के बाद IOA ने दूसरी बार कुश्ती चलाने के लिए एक एडहॉक पैनल का गठन किया था.

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कमेटी को भंग करने के आदेश के बारे में IOA के डायरेक्टर जॉर्ज मैथ्यूज ने बताया,

“IOA को भंग करने का निर्णय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा WFI पर प्रतिबंध हटाने और IOA द्वारा गठित एडहॉक कमेटी द्वारा सफल सेलेक्शन ट्रायल्स के बाद लिया गया है. इस घटनाक्रम के बाद WFI की गतिविधियों को चलाने के लिए एडहॉक कमेटी की कोई आवश्यकता नहीं है.”

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IOA की तरफ से ये भी बताया गया कि UWW के निर्देशों के मुताबिक ये जरूरी है कि WFI में दुर्व्यवहार और उत्पीड़न व अन्य चिंताओं को दूर करने के लिए जल्द से जल्द सेफगार्डिंग कमेटी/ऑफिसर को नियुक्त करे. यही नहीं WFI को ये भी निर्देश दिया गया कि वो IOA की एडहॉक कमेटी को दिया गया लोन भी चुकाए.

जानकारी हो कि UWW ने 23 अगस्त 2023 को फेडरेशन को चुनाव समय से नहीं कराने की वजह से सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद खेल मंत्रालय ने 24 दिसंबर 2023 को फेडरेशन को सस्पेंड किया था. फरवरी 2024 में UWW ने WFI का निलंबन वापस लिया था. UWW ने WFI को अपनी एथलीट कमीशन को फिर से बुलाने और चुनाव कराने का निर्देश दिया था. साथ ही विरोध प्रदर्शन करने वाले तीन पहलवानों: विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक को WFI के सभी इवेंट्स में खेलने की ‘लिखित गारंटी’ देने के लिए कहा था.

विनेश, बजरंग और साक्षी ने किया था प्रदर्शन

विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक जैसे शीर्ष पहलवानों ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. जिसके बाद ये सभी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन में बैठ गए थे. इन पहलवानों की मांग थी कि बृजभूषण को उनके पद से हटाया जाए और नए सिरे से चुनाव कराए जाएं.

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बृजभूषण इस साल WFI का चुनाव नहीं लड़े. उनके करीबी माने जाने वाले संजय सिंह ने चुनाव में जीत दर्ज की थी. विनेश, बजरंग और साक्षी इससे खुश नहीं थे. उनका कहना था कि संजय बृजभूषण के करीबी हैं और ऐसे में पहलवानों को न्याय नहीं मिल सकेगा. हालांकि, बाद में खेल मंत्रालय ने खेल नियमों के उल्लंघन के कारण संजय सिंह की अगुआई वाले WFI को निलंबित कर दिया था.

वीडियो: WFI के निलंबन के बाद अदालत जाएंगे संजय सिंह, नई एड-हॉक समिति पर जताई आपत्ति

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