फाइनैंशल एक्सप्रेस में छपी प्रशांत साहू की एक खबर
के मुताबिक साल 2018-19 के दौरान इंडिया पोस्ट का घाटा 15,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया. साल 2017-18 के दौरान BSNL का घाटा 8,000 करोड़ रुपए था. और एयर इंडिया का घाटा 5,340 करोड़ रुपए था.
India Post losses touch Rs 15,000 crore in FY19; replaces Air India, BSNL as biggest loss-making PSU https://t.co/YW6y9SIIGn
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साल 2018-19 में क्या हाल रहा? फाइनैंशल इयर 2018-19 में इंडिया पोस्ट ने वेतन और भत्तों पर 16,620 करोड़ रुपए खर्च किए. इसमें पेंशन का खर्च भी 9,782 करोड़ रुपए और जोड़ दें, तो कुल खर्च 26,400 करोड़ रुपए हो जाता है. इस दौरान इस दौरान पूरे विभाग की आमदनी 18,000 करोड़ रुपए रही. ये कुल आमदनी से करीब 50 फीसदी कम है.

लोगों ने पोस्ट ऑफिस की सेवाएँ लेना कम कर दिया है. फोटो, केमन्नू
साल 2020 में क्या होगा? साल 2020 में इंडिया पोस्ट का वेतन और भत्तों पर खर्च 17,451 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है. इसके अलावा 10,271 करोड़ रुपए पेंशन का खर्च हो सकता है. इस दौरान राजस्व के तौर पर 19,203 करोड़ रुपए ही आने का अंदाजा है. जाहिर है ऐसे में इंडिया पोस्ट का घाटा बढ़ना तय है.
राजस्व बढ़ाने के लिए क्या कर रही सरकार? इंडिया पोस्ट का राजस्व बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने 1 सितंबर, 2018 को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक यानी IPPB शुरू करने का ऐलान किया था. शुरुआत में इसमें देश भर के करीब 650 पोस्ट ऑफिस और 350 कॉमन सर्विस सेंटर को जोड़ने का फैसला लिया गया था. इस सेवा से देश के सभी 1.55 लाख डाक घरों को जोड़ने की योजना थी. इस नए सरकारी बैंक में तत्काल खाता खोला जाता है. इसकी शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा थआ कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए अब देश के हर कोने तक बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराना आसान होगा. हर नागरिक के घर तक बैंक और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच होगी. पीएम ने कहा था कि देश में डाकिया हर घर से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है. अब डाकिया डाक लाएगा और साथ में आपके घर पर बैंक भी लाएगा. डाकिया डाक के साथ बैंक की सभी सुविधाएं आपके घर पर ही लेकर आएगा. इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए किसी भी बैंक खाते में मनी ट्रांसफर होती है. ग्राहक RTGS, NEFT, IMPS ट्रांजेक्शन जैसी सुविधाओं का भी लाभ ले सकते हैं.
ई कॉमर्स के कारोबार में भी है कंपनी बीते साल इंडिया पोस्ट ने ई कॉमर्स कारोबार में भी उतरने का ऐलान किया था. टेलिकॉम मंत्री मनोज सिन्हा के मुताबिक 'हमने अलग पार्सल निदेशालय की स्थापना करके डाक विभाग द्वारा निर्णय-लेने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है. इंडिया पोस्ट ई कॉमर्स सेवाओं के लिए घर-घर जाकर डिलीवरी करने के लिए अपने व्यापक नेटवर्क का लाभ उठा सकेगा.'
इन सबके बाद भी इंडिया पोस्ट का घाटा बढ़ना विभाग और उसके कर्मचारियों के चिंता का विषय है. लगातार घाटा बढ़ते जाने से एक और सरकारी कंपनी के डूबने का खतरा मंडराता नजर आ रहा है.
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