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MP के CM कमलनाथ के ख़ास आदमियों के यहां आयकर विभाग का छापा, 9 करोड़ बरामद

दिल्ली, गोवा और मध्यप्रदेश में रेड हुई है.

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सूत्रों के मुताबिक प्रतीक जोशी के यहां से 9 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं. (बाएं) आरके मिगलानी के आवास की तस्वीर (दाएं)
इनकम टैक्स विभाग ने मध्य प्रदेश, दिल्ली और गोवा के 50 ठिकानों पर छापा मारा है. यह रेड (6अप्रैल) शनिवार देर रात शुरू हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस छापेमारी में 300 अधिकारी लगे हुए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी के आवास पर भी आईटी विभाग ने छापेमारी की. सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के व‍िजयनगर स्थित घर पर शन‍िवार रात 3 बजे आयकर विभाग ने छापेमारी की. कक्कड़ के इंदौर में चार और भोपाल के एक ठिकाने पर भी छापेमारी की गई है. कक्कड़ के अलावा लंबे समय तक कमलनाथ के ओएसडी रहे आरके म‍िगलानी के द‍िल्ली स्थित ठ‍िकानों पर भी इनकम टैक्स विभाग कार्रवाई कर रहा है. अमीरा ग्रुप और मोजर बेयर के अलावा कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी के यहां भी छापे मारे गए हैं. पुलिस की जगह सीआरपीएफ की मदद ली गई मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के करीबी बताए जा रहे प्रतीक जोशी के यहां भी आईटी की रेड पड़ी है. मीडिया रिपोर्ट्स में अब तक 9 करोड़ रुपए बरामद होने की बात सामने आई है. प्रतीक जोशी प्रवीण कक्कड़ के करीबी माने जाते हैं. प्रतीक जोशी आर्म्ड डीलर हैं. आरोप है कि प्रवीण कक्कड़ इन्हीं के माध्यम से डीलिंग करता था. सूत्रों के मुताबिक भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली में ठोस इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई. यहां तक की मध्य प्रदेश के आयकर विभाग के अधिकारियों को भी इस कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई. दिल्ली से गई आयकर विभाग की टीम ने मध्य प्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली. इस कार्रवाई के लिए सीआरपीएफ के जवानों की मदद ली गई. कौन हैं प्रवीण कक्कड़? दिसंबर 2018 में कमलनाथ के मध्य प्रदेश के सीएम बनते ही भूपेंद्र गुप्ता ओएसडी बने थे. उन्हें हटाकर हाल ही में प्रवीण कक्कड़ को ओएसडी बनाया गया. कक्कड़ मध्यप्रदेश पुलिस में अधिकारी थे. सालों पहले कक्कड़ ने वीआरएस ले ल‍िया था. उन्हें झाबुआ के सांसद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया का करीबी माना जाता है. 2004 में नौकरी छोड़ने के बाद कक्कड़ तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने थे. कक्कड़ को सीएम का विश्वासपात्र माना जाता है. नौकरी के दौरान उनके खिलाफ कई मामले सामने आए जिसकी जांच चल रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के भांजे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे हुए हैं. रातुल पुरी का नाम राजीव सक्सेना से पूछताछ के दौरान छिपा लिया गया था. राजीव सक्सेना का दुबई से अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील मामले में प्रत्यर्पण हुआ था.
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