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सभी पार्टियों की मीटिंग बैठी तो किसानों के मुद्दे पर क्या बोले पीएम मोदी?

बजट सत्र शुरू होने के बाद बुलाई गई थी सर्वदलीय बैठक

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सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को सरकार ने 22 जनवरी को जो प्रस्ताव दिया था, वह अब भी बरकरार है. (फाइल फोटो-PTI)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों का मुद्दा बातचीत से ही हल हो सकता है. ये बातें उन्होंने सर्वदलीय बैठक में कही. प्रधानमंत्री ने संसद के बजट सत्र के लिए सरकार का अजेंडा पेश करने को लेकर शनिवार, 30 जनवरी को सर्वलीय बैठक की अध्यक्षता की. इस बार यह परंपरागत सर्वदलीय बैठक सत्र शुरू होने के बाद आयोजित की गई. सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ? इसकी जानकारी संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
22,23 जनवरी को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जो ऑफर किया था, (उस पर) हम डिस्कशन के लिए तैयार हैं. कृषि मंत्री ने कहा था कि अगर आप डिस्कशन करना चाहते हैं तो मैं एक फोन कॉल पर मौजूद हूं. जो ऑफर उन्हें दिया गया था, वो आज भी है. सरकार बातचीत के लिए तैयार है. जो मंत्री ने कहा था वो ओपन है. कृषि मंत्री के बयान को ही पीएम मोदी ने दोहराया.
वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि PM मोदी ने सिर्फ इतना कहा कि किसानों और सरकार के बीच बातचीत के लिए कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वे सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं, अगर वे सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लें तो. सरकार इस मुद्दे पर अहंकारी और अड़ियल रुख अपनाए हुए है. 22 जनवरी को सरकार और किसान नेताओं के बीच 11वें दौर की बैठक हुई थी. इसमें सरकार ने कहा था कि नए कानूनों में कोई कमी नहीं है. किसान नेता अगर किसी फैसले पर पहुंचते हैं तो बताएं. इस पर फिर हम चर्चा करेंगे. इससे पहले 20 जनवरी को हुई मीटिंग में केंद्र ने डेढ़ साल तक नए कृषि कानूनों को लागू नहीं करने और MSP पर बातचीत के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा था. वैसे, सर्वदलीय बैठक बजट सत्र शुरू होने से पहले बुलाई जाती है, लेकिन इस बार सेशन शुरू होने के बाद रखी गई. बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार, 29 जनवरी को हो गई. दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरू हुआ. लेकिन कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट किया.

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