जब शुरू में कंगना ने अपना पक्ष रखा था तो भी हमने दिखाया था. अब ऋतिक रख रहे हैं तो भी दिखा रहे हैं. जब तक सच सामने आता है तब तक.
एफबी पर ऋतिक ने गुरुवार को ये टिप्पणी पोस्ट कीः
इसमें ऋतिक ने जो भी कहा उसका मतलब हिंदी में कुछ ऐसा होता हैः
"मैंने चुना है कि मैं हमेशा क्रिएटिव, प्रोडक्टिव और कंस्ट्रक्टिव काम करूं. इसके अलावा मैं बाकी चीजों को नज़रअंदाज कर देता हूं. मैं मानता हूं कि इन पर ध्यान न देना और सम्मान के रास्ते पर चलना ही लगातार होने वाली दखलअंदाज़ी को हतोत्साहित कर सकता है. बार-बार टीस देने वाले हैल्थ इशू को अगर नज़रअंदाज़ करते रहो तो वो भी घातक साबित होता है. इसी तरह दुर्भाग्य से ये पूरी घटना मेरे लिए घातक साबित हुई.
लगता है मीडिया का इस बात को छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. मुझे नहीं लगता कि अपना कैरेक्टर सर्टिफ़िकेट देकर इस सर्कस को बढ़ावा देने का कोई फ़ायदा है. वो भी ऐसी स्थिति में जिसमें मैं कभी शामिल नहीं था. मर्ज़ी के बगैर इस गंदगी में मुझे खींच लिया गया है. ये कुछ ऐसा है जो मेरा गढ़ा हुआ नहीं.
सच तो ये है कि मैं इस महिला से कभी व्यक्तिगत तौर पर मिला ही नहीं. हां, हमने साथ में काम किया है. लेकिन हमारे बीच कभी कोई प्राइवेट मीटिंग नहीं हुई. यही सच है.
कृपया समझने की कोशिश कीजिए. मैं किसी कथित अफ़ेयर के आरोप के खिलाफ़ नहीं लड़ रहा. और न ही 'अच्छे लड़के' वाली इमेज बनाए रखने के लिए कोई बचकानी कोशिश कर रहा हूं. मैं एक इंसान हूं और अपनी कमियों से अच्छी तरह वाकिफ़ हूं.
बल्कि मैं खुद को उससे कही ज्यादा गंभीर, संवेदनशील और विनाशकारी चीज़ से बचाने की कोशिश कर रहा हूं. दुख की बात ये है कि मीडिया और पब्लिक में से बहुत कम लोग सच जानने की इच्छा रखते हैं. मेरे लिए जीवन की इस सीख को पचा पाना बहुत मुश्किल है.
ऋतिक और कंगना बहुत पहले एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान.
अगर लोग एक झूठ के साथ खुश हैं तो ठीक है. उन्हें लगता है ऐसा करने से उनकी वो आदर्श दुनिया बनी रहेगी, जहां महिला हमेशा पीड़ित होती है और पुरुष लड़ाई शुरू करने वाला, तो मुझे भी इससे कोई दिक्कत नहीं है.
महिलाएं सदियों से पुरुषों के हाथों उत्पीड़न झेलती आई हैं. मुझे ये देखकर बहुत गुस्सा आता है कि कुछ पुरुष महिलाओं के साथ इतने क्रूर कैसे हो सकते हैं. ऐसे पुरुष सख़्त से सख़्त सज़ा के हकदार हैं. इस आधार पर अगर ये तर्क दिया जाता है कि पुरुष कभी पीड़ित नहीं हो सकता और महिला कभी झूठी नहीं हो सकती, तो मुझे इससे भी कोई दिक्कत नहीं है.
दो हाई प्रोफ़ाइल सेलिब्रिटीज में सात साल तक अफ़ेयर चला और कोई एक भी तस्वीर नहीं, कोई सबूत नहीं. पैरिस में जनवरी, 2014 में जिस कथित सगाई के होने का दावा किया जाता है, उसकी एक सेल्फ़ी तक नहीं. कोई ऐसा सबूत नहीं जिससे लगे कि दोनों में एक रोमैंटिक रिश्ता था.
फिर भी हम लड़की की बातों का यकीन कर रहे हैं क्योंकि हम सोचते हैं कि एक लड़की भला झूठ क्यों बोलेगी?
मेरे पासपोर्ट की ट्रैवल डीटेल्स से ये साफ़ होता है कि मैं जनवरी 2014 में कहीं देश से बाहर नहीं गया. यानी कि वो तारीख जब पैरिस में ये कथित सगाई हुई थी.
इस कथित रिश्ते का एकमात्र सबूत जो मीडिया में पेश किया गया वो एक फ़ोटोशॉप की हुई तस्वीर थी. इसके अगले ही दिन मेरी एक्स-वाइफ और दोस्तों ने उस तस्वीर की सच्चाई दुनिया के सामने रख दी थी.
इस फोटो के एक हिस्से को कंगना की पीआर टीम ने कथित तौर पर लीक किया था, जिसका खंडन ऋतिक की पूर्व-पत्नी सुज़ैन ने तुरंत कर दिया था कि वे औऱ कई दूसरे लोग उसी समय साथ मौजूद थे और ऐसी कोई बात नहीं थी. दूसरी फोटो में बाकी लोग भी दिख रहे हैं.
ये सारे सवाल पूछे तक नहीं गए, क्योंकि हमें महिलाओं की रक्षा करना सिखाया जाता है और हमें ऐसा करना भी चाहिए. मुझे भी मेरे माता-पिता और मेरी ज़िंदगी की सारी महान महिलाओं ने यही सिखाकर बड़ा किया है. मैं इन सबका आभारी हूं. मैं अपने बच्चों को भी वही सीख दूंगा. उन्हें हमेशा महिलाओं की इज़्ज़त करना सिखाऊंगा.
एक ही तरफ़ से भेजे गए 3000 मेल्स हैं. जो कि या तो मैंने खुद को भेजे या उस महिला ने मुझे भेजे. साइबर क्राइम विभाग कुछ दिनों में इन दोनों में से किसी भी कहानी को सही या ग़लत साबित कर सकता है. मैंने तो लैपटॉप और फ़ोन समेत सभी गैजेट्स साइबर सेल में जमा कर रखे हैं लेकिन दूसरी पार्टी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है. जांच-पड़ताल अभी बंद नहीं हुई है.
मैं फिर से कहना चाहूंगा कि ये दो लवर्स के बीच का झगड़ा नहीं है. मैं लोगों से दरख्वास्त करता हूं कि इसे दो लवर्स के बीच के झगड़े का नाम देना बंद करो. एक सेकेंड के लिए इसे वैसा देखने की कोशिश करो, जैसा ये सच में है.
मेरा पिछले चार सालों से उत्पीड़न हो रहा है और पक्षपाती रवैये की वजह से मैं अपनी बात रखने में असमर्थ हूं.
मैं गुस्सा नहीं हूं. मैं गुस्से को अपनी ज़िंदगी में दख़ल नहीं देने देता. मैंने अब तक की ज़िंदगी में किसी पुरुष या महिला से लड़ाई नहीं की है. मेरा तलाक़ के समय भी कोई झगड़ा नहीं हुआ था. मैं और मेरे करीबियों ने हमेशा शांति चुनी.
मैं यहां किसी पर आरोप लगाने या किसी को जज करने के लिए नहीं हूं. लेकिन अब सच की रक्षा करने का समय आ गया है. क्योंकि जब सच को हानि पहुंचती है तो पूरे समाज को नुकसान भुगतना पड़ता है. इससे हमारे करीबियों को हानि होती है, हमारे परिवार, हमारे बच्चों को हानि होती है."
ये भी पढ़ें:
कंगना के वो बयान, जिन्होंने बॉलीवुड और सोशल मीडिया को हिला रखा है
24 बातों में जानें कंगना रनोट की नई फिल्म 'सिमरन' की पूरी कहानी
कंगना रनोट जैसे क्रेडिट ले रही हैं वे जल्द ही गुरमीत राम रहीम हो जाएंगी
'सिमरन' फिल्म के लेखक अपूर्व असरानी ने कंगना के बारे में किया खुलासा















