कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर वाले प्रोटेस्ट को दिल्ली पुलिस ने होने नहीं दिया. इस दौरान प्रदर्शन करने आए हजारों लोगों को डिटेन किया गया. शनिवार को पूरे दिन पुलिस की धरपकड़ जारी रही. इस बीच एक वीडियो वायरल हुआ, जिससे दिल्ली पुलिस विवादों में घिर गई. पुलिस पर आरोप लगा कि वो सेंट्रल दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहनकर घुस गई. आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और मनीष सिसोदिया समेत कई लोगों ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पुलिस जूते पहने गुरुद्वारे के अंदर दिख रही है.
गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी दिल्ली पुलिस? DCP ने बताई वायरल वीडियो की सच्चाई
CJP प्रोटेस्ट के दौरान वायरल हुए वीडियो में पुलिसकर्मियों पर गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर जूते पहनकर जाने का आरोप लगा. नई दिल्ली के DCP ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो में पुलिसकर्मी उस साझा रास्ते पर दिखाई दे रहे हैं, जहां से श्रद्धालु जूते उतारने वाली जगह तक पहुंचते हैं. पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है.

इसे देख सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. पुलिस पर धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोप लगा. बाद में दिल्ली पुलिस ने इस पर सफाई देते हुए वायरल वीडियो की सच्चाई बताई. नई दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस की ओर से एक पोस्ट किया गया, जिसमें वायरल वीडियो के संबंध में सफाई दी गई. इसमें लिखा गया,
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो के संबंध में, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी गुरुद्वारा बंगला साहिब के अंदर गए और उनमें से कुछ ने जूते पहने हुए थे. वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को उस आम रास्ते पर चलते हुए दिखाया गया है, जिसका इस्तेमाल सभी श्रद्धालु उस जगह तक पहुंचने के लिए करते हैं जहां गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारे जाते हैं.
डीसीपी नई दिल्ली ने आगे लिखा,
गुरुद्वारे आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाती है. इससे संबंधित वीडियो साथ में है. यह वीडियो जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाया गया है ताकि एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत किया जा सके और यह धार्मिक सद्भाव के लिए हानिकारक है. इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है.
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ये वीडियो उस वक्त वायरल हुआ, जब पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होने आए लोगों पर कार्रवाई कर रही थी. हजारों लोग डिटेन किए गए. इस दौरान पुलिस खोज-खोजकर उन लोगों को डिटेन कर रही थी, जिनके प्रोटेस्ट में शामिल होने का शक था. कई जगहों पर पुलिस की प्रदर्शनकारियों से झड़प भी हुई. बताया गया कि 10 अक्टूबर को कम से कम 3 हजार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था. हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया. डिटेन किए गए लोगों में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, टीएमसी लीडर ममता बनर्जी, सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास भी शामिल थे.
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