हरियाणा के नूह जिले के तावडू में मंगलवार, 19 जुलाई को DSP सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की खनन माफिया ने डंपर से कुचलकर हत्या कर दी. पुलिस ने डंपर के ड्राइवर को कुछ देर बाद गिरफ्तार कर लिया.
"इनको सबक सिखा देंगे"... DSP को रौंदकर मारने के पहले क्या हुआ था, चश्मदीदों ने बताया!
"इन पुलिस वालों को आज ऐसा सबक सिखाओ कि ये दोबारा हमारा डंपर रोकने की हिम्मत न कर सकें" फिर टक्कर मारी और रौंदकर मार डाला!

आजतक के अरविंद ओझा के मुताबिक मंगलवार, 19 जुलाई को नूंह जिले की अरावली पहाड़ी पर खनन की शिकायत मिलने के बाद जब DSP सुरेंद्र बिश्नोई वहां गए तो उनके साथ उनके स्टाफ के कुछ जवान भी थे. इन जवानों ने पूरी वारदात के बारे में आजतक को बताया.
डंपर की नंबर प्लेट ही गायब थीमौके पर मौजूद रहे पुलिसकर्मियों के मुताबिक डीएसपी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में SHO थाना सदर तावडू, ASI संजय कुमार, अंगरक्षक उमेश कुमार और गाड़ी चालक एक सरकारी गाड़ी से अवैध खनन को रोकने पहुंचे थे. जब वे वहां पहुंचे तो पहाड़ पर 6 टायर वाला डंपर अवैध खनन के जरिए पत्थरों से भरा हुआ दिखाई दिया.
पुलिसकर्मियों ने बताया,
'DSP साहब के आदेश पर उनकी गाड़ी चला रहे चालक ने डंपर का पीछा किया. उस डंपर में 3-4 लड़के बैठे हुए थे. जब डंपर का पीछा किया तो डंपर के ड्राइवर ने उसे पहाड़ी पर चढ़ा दिया. डंपर भी रुक गया और हमारी गाड़ी भी रुक गई. DSP साहब गाड़ी से उतर कर डंपर चालक और अन्य लड़कों को पकड़ने के लिए डंपर के बराबर में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देखा कि डंपर के आगे की नंबर प्लेट पर केवल HR4A लिखा हुआ था और अन्य नंबर गायब थे. साथ ही पीछे वाली नंबर प्लेट थी ही नहीं.'

पुलिसकर्मियों ने आगे बताया,
'DSP के आदेश पर हमने डंपर को पहाड़ी से नीचे लाने को कहा. इतने में डंपर के ड्राइवर ने देशी कट्टा निकाल लिया और हमें दिखाते हुए बोला कि साइड से हट जाओ, वरना गोली मार देंगे. हम सभी लोग बचाव के लिए पीछे हटने लगे तो डंपर में बैठे लोगों ने कहा कि अगर पकड़े गए तो ये हमारा माइनिंग में चालान करेंगे.'
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार डंपर में मौजूद लोगों ने ये भी कहा,
'इन पुलिसवालों को गाड़ी रोकने का सबक सिखा दो. इतने में ही ड्राइवर जिसका नाम मित्तर कहा जा रहा था, उसने हमें जान से मारने की नीयत से सीधा डंपर हमारे ऊपर चढ़ाने की कोशिश की.'

एक पुलिसकर्मी ने आजतक को बताया,
'मैंने और उमेश कुमार ने एकदम छलांग लगाकर अपनी जान बचाई और DSP साहब ने भी कूदने का प्रयास किया लेकिन डंपर चालक ने स्पीड बढ़ाकर जानबूझकर DSP साहब को टक्कर मार दी और उन्हें रौंदकर चला गया. उनकी वहीं मौत हो गई. डंपर चालक और उसके साथी डंपर से पत्थरों को खाली कर मौके से भाग गए.'
बता दें कि मंगलवार को DSP सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या के कुछ देर बाद ही हरियाणा पुलिस ने आरोपी डंपर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने एनकाउंटर कर डंपर चालक को पकड़ा. उसके पैर में गोली लगी है. उधर, राज्य सरकार ने DSP सुरेंद्र के परिवार को 1 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया है. बताया जाता है कि DSP सुरेंद्र बिश्नोई महज 3 महीने में नौकरी से रिटायर होने वाले थे.
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