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वीडियो कॉल पर परिवार को जहाज दिखा रहे थे सूरज, आधे घंटे बाद मिसाइल हमले में जान चली गई

22 साल के सूरज यूपी के देवरिया के रहने वाले थे. 19 अगस्त को उन्होंने MV Cape Dao शिप पर काम शुरू किया था. किसी कमर्शियल जहाज पर ये उनकी पहली नौकरी थी. वे वाइपर के तौर पर काम करते थे. उनका काम जहाज के इंजन वाले हिस्से और मशीनरी की सफाई करना था. और निर्देश मिलने पर जहाज के इंजीनियरों की मदद करना था.

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मृतक सूरज यादव की कमर्शियल जहाज पर पहली नौकरी थी. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • भारत के MV Cape Dao जहाज पर 23 सितंबर को मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 22 वर्षीय सूरज यादव की मौत हो गई, जो इस जहाज पर पहली बार वाइपर के रूप में काम कर रहे थे।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबित तनाव और संघर्ष के कारण ओमान के तट के पास कई जहाजों पर हमले हो रहे हैं, जिससे नाविकों की सुरक्षा खतरे में आ गई है।
  • भारतीय सरकार ने घटना के बाद बचाव कार्य किया और मारे गए सूरज यादव का पार्थिव शरीर सम्मान के साथ वापस लाने का आश्वासन दिया है।

जंग दो देशों के बीच होती है, भुगतना आम लोगों को पड़ता है. युद्ध की वजह से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज महीनों से हालात नाजुक हैं. कई लोग यहां हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें भारत के एक और युवक सूरज यादव का नाम जुड़ गया है.

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22 साल के सूरज यूपी के देवरिया के रहने वाले थे. 19 अगस्त को उन्होंने MV Cape Dao शिप पर काम शुरू किया था. किसी कमर्शियल जहाज पर ये उनकी पहली नौकरी थी. वे वाइपर के तौर पर काम करते थे. उनका काम जहाज के इंजन वाले हिस्से और मशीनरी की सफाई करना था. और निर्देश मिलने पर जहाज के इंजीनियरों की मदद करना था.

बुधवार, 23 सितंबर को MV Cape Dao जहाज ओमान के पूर्वी तट के पास होर्मुज से गुजरते हुए भारत आ रहा था. सूरज अपने परिवार से वीडियो कॉल कर बात कर रहे थे. वह काफी खुश थे. मगर फोन काटने के आधे घंटे बाद ही एक मिसाइल उनके जहाज पर जा गिरी, जिससे सूरज की मौत हो गई.

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'सभी जहाज देखकर बहुत खुश थे'

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सूरज के रिश्तेदार अवधेश यादव ने बताया,

"घर में हर कोई जहाज देखकर बहुत खुश था. सूरज हमारे परिवार और पूरे गांव में पहला व्यक्ति था, जिसने किसी कमर्शियल जहाज पर यात्रा की थी. हमारे पड़ोसी भी जमा हो गए थे. वे भी जहाज देख रहे थे."

उनका कहना है कि कुछ देर बाद ही उन्हें खबर मिलती है कि सूरज की मौत हो गई. अवधेश ने बताया कि मुंबई की एक शिपिंग कंपनी के सीनियर अधिकारियों ने परिवार को यह खबर दी थी.

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सूरज के पिता ओम प्रकाश यादव पिछले तीन महीनों से कुवैत में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर रहे हैं. सूरज तीन भाइयों में सबसे बड़े थे. उनकी शादी नहीं हुई थी. उनके दो छोटे भाई हैं. उनकी उम्र 12 और 9 साल है. दोनों अपनी मां के साथ करमाजीतपुर गांव में रहते हैं.

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19 लोगों को बचाया गया  

ओमान में भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में घटना की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 23 सितंबर को भारत आते समय मर्चेंट जहाज 'MV केप दाओ' पर हमला हुआ. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा,

“ओमान के तट के पास M.V. CAPE DAO पर मिसाइल हमले के बाद सिर में चोट लगने से सूरज यादव की मौत हो गई. जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे. 19 भारतीय नागरिकों समेत सभी बचे हुए क्रू सदस्यों को ओमान की रॉयल नेवी ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. वे अभी जमीन पर हैं.”

सोनोवाल ने पोस्ट में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सूरज यादव का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ घर लाया जाए. बता दें कि कुछ समय पहले देवरिया के शिवानंद चौरसिया की भी ओमान तट के पास पलाऊ-ध्वज वाले टैंकर Settebello पर हुए हमले में जान चली गई थी.

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