वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे की रिपोर्ट (Gyanwapi ASI Report) हिंदू और मुस्लिम पक्षों को सौंप दी गई. ASI ने अपनी 839 पन्नों की रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा ढांचे के निर्माण से पहले वहां एक बड़ा हिंदू मंदिर था. मुस्लिम पक्ष ने इस बात को ख़ारिज किया है. मुस्लिम पक्ष की तरफ़ से अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के वकील अख़लाक़ अहमद का साफ़ कहना है कि मंदिर को तोड़कर कभी मस्जिद बनाई ही नहीं गई और ASI की रिपोर्ट को क़ायदे से पढ़ने के बाद वो कोर्ट में आपत्ति भी दाख़िल कर सकते हैं.
'मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनी', ज्ञानवापी मस्जिद की ASI रिपोर्ट पर कोर्ट जाएगा मुस्लिम पक्ष?
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के वकील ने ये भी कहा कि जो मूर्तियां मिली हैं, वो प्रमाणिक नहीं.


वकील अख़लाक़ अहमद ने आजतक से बातचीत में बताया कि हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन के सभी दावे गलत हैं, क्योंकि हिंदू पक्ष एक्सपर्ट नहीं है, जो किसी बिल्डिंग को देखकर बता सके कि पत्थर कितना पुराना है. उन्होंने ASI की रिपोर्ट के बारे में कहा कि कोई भी ऐसी चीज़ नहीं मिली है, जो पिछले ऐडवोकेट कमीशन की कार्रवाई में न मिली हो. पिछले कमीशन की कार्रवाई में जो भी पत्थर या फिगर मिले थे, वही अभी मिले हैं. फ़र्क़ ये है कि इस बार ASI ने उसकी नाप जोक करके लिख दिया है. पत्थर कितने पुराने हैं, ASI की रिपोर्ट में नहीं लिखा है.
'मूर्ति प्रमाणिक नहीं'ASI रिपोर्ट में बताया कि ढांचे के तहख़ाने में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं. इन मूर्तियों को तहख़ाने के नीचे मिट्टी से दबा दिया गया था. ASI ने बताया कि ढांचे की पश्चिमी दीवार हिंदू मंदिर का ही हिस्सा है, ये बात पूरी तरह से स्पष्ट है.
अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के वकील ने ये भी कहा कि जो मूर्तियां मिली हैं, वो प्रमाणिक नहीं. मंदिर के मलबे में मिली होंगी. बताया कि मस्जिद की एक बिल्डिंग थी, जिसे नॉर्थ यार्ड गेट कहते थे. वहां पांच किरायदार रहते थे, जो पत्थरों की मूर्तियां बनाते थे. बैरिकेडिंग के पहले पूरा एरिया खुला था, तो मलबे में मूर्तियों के मलबे को फेंक दिया जाता था. बकौल अख़लाक़, उसी मलबे में मूर्तियों मिली होंगी.
- मस्जिद कितनी पुरानी है?
- क्या कुछ तोड़कर बनाई गई है या फ्रेश बनाई गई है?
- क्या भगवान शिव मंदिर को तोड़कर बनाया गया है?
अभी इन सवालों का जवाब नहीं मिला है. इस सवाल के बाद ही कोर्ट की कार्यवाही आगे बढ़ेगी.











