ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) और सुखबीर संधू (Sukhbir Sandhu) को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आ रही है. दोनों ही वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं. कांग्रेस लीडर और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने ये दावा किया है. हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है. दो चुनाव आयुक्तों का चयन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पैनल की आज बैठक हुई. इस बैठक के बाद अधीर रंजन ने यह बयान दिया. लोकसभा में विपक्ष नेता के तौर पर अधीर रंजन, चुनाव आयुक्तों को चुनने वाले तीन सदस्यीय पैनल में शामिल हैं.
देश को मिले दो नए चुनाव आयुक्त? अधीर रंजन ने नाम तो बताया ही आरोप भी लगा दिया
Gyanesh Kumar और Sukhbir Sandhu को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है. ये दावा कांग्रेस नेता Adhir Ranjan Chowdhury ने किया है.

उन्होंने कहा कि मैंने एक छोटी सूची मांगी थी जो लगभग पांच लोगों की होनी चाहिए थी. मैंने बैठक से पहले कहा था कि हमें उम्मीदवारों की एक छोटी लिस्ट मिलनी चाहिए. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अधीर ने कहा-
“मुझे देर रात 212 नामों की एक लिस्ट मिली. और आज सुबह मुझे उस लिस्ट के साथ प्रधानमंत्री के आवास पर जाना था. दोपहर 12 बजे बैठक है, तो क्या ही कह सकता हूं. इतने सारे लोगों के नाम को एक दिन में कैसे देखा जा सकता है.”
अधीर ने ये भी कहा कि उन्होंने 6 लोगों ने नाम सुझाए थे. लेकिन क्योंकि बहुमत उनके (सरकार) पास था. इसलिए उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार चुने. अधीर ने कहा,
“मीटिंग शुरू होने के 10 मिनट पहले 6 नाम मेरे पास आए. मुझे सुखबीर सिंह संधू, ज्ञानेश कुमार, उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, इंदीवर पांडे और गंगाधर राहत के नाम सौंपे गए थे. मैंने कहा कि इनकी ईमानदारी और तजुर्बा जांचना मेरे लिए संभव नहीं है. मैं इस प्रक्रिया का विरोध करता हूं. ये होना ही था. ये महज औपचारिकता है. इस कमेटी में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को रखना चाहिए. अगर CJI होते तो बात अलग थी. कल रात मैं दिल्ली आया, तब मुझे 212 लोगों की लिस्ट सौंपी गई थी. इतने कम समय में सभी का प्रोफाइल जांचना असंभव था.”
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कौन हैं ज्ञानेश कुमार?आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक ज्ञानेश कुमार हाल ही में सहकारिता मंत्रालय के सचिव पद से रिटायर हुए हैं. उन्होंने मंत्रालय के गठन के समय से लेकर अब तक काम किया. ज्ञानेश कुमार पहले गृह मंत्रालय में कश्मीर डिवीजन के जॉइंट सेक्रेटरी थे. उनके समय ही अनुच्छेद 370 हटाई गई थी.
कौन हैं सुखबीर संधू?सुखबीर संधू की बात करें तो वो पूर्व IAS अधिकारी हैं. उन्हें जुलाई 2021 में ओम प्रकाश की जगह उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था. 1988 बैच के आईएएस अधिकारी संधू भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अध्यक्ष रहे थे. केन्द्र सरकार ने इनको एक साल के लिए लोकायुक्त सचिव नियुक्त किया था. संधू पिछले साल 30 सितंबर को उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे.
15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाईचुनाव आयुक्तों के चयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले पैनल की 14 मार्च को बैठक हुई. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए पांच उम्मीदवारों की एक लिस्ट तैयार करने के लिए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में एक समिति ने शाम को बैठक की. आपको बता दें कि, इस संबंध में मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर चुकी हैं. याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 के मुताबिक चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति करने पर रोक लगाने की मांग की गई है. इस केस की सुनवाई कल यानी 15 मार्च को होने वाली है.
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