The Lallantop

'पन्नू की हत्या की साजिश पर हम गंभीर, भारत भी...', अमेरिका की ये नसीहत बवाल ना करा दे

इस बीच एक खबर ये भी आई है कि पन्नू की हत्या की साजिश में कथित तौर पर शामिल भारतीय नागरिक Nikhil Gupta के प्रत्यर्पण पर चेक रिपब्लिक की सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी है. इस फैसले को अमेरिका के लिए झटका माना जा रहा है.

Advertisement
post-main-image
Gurpatwant Singh Pannu इस समय अमेरिका में रह रहा है. (फाइल फोटो)

अमेरिका ने कहा है कि भारत को खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu Murder Plot) की कथित हत्या की साजिश के मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. ये भी कहा है कि अमेरिका को मामले में भारत की तरफ से की जा रही जांच के पूरा होने का इंतजार है. इस बीच एक खबर ये भी आई है कि हत्या की साजिश में कथित तौर पर शामिल भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता (Nikhil Gupta) के प्रत्यर्पण पर चेक रिपब्लिक की सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी है. अमेरिका ने निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण की मांग की है. कोर्ट के इस फैसले को उसके लिए झटका माना जा रहा है.

Advertisement
पन्नू पर भारत को नसीहत?

दरअसल अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने पन्नू की हत्या की साजिश के मामलेे में एक बयान दिया है. अधिकारी ने इस मामले में भारत की तरफ से की जा रही जांच को लेकर न्यूज एजेंसी PTI को बताया,

"भारत ने इस मामले में एक जांच शुरू की थी. जांच अभी चल रही है. हमें इस जांच के रिजल्ट का इंतजार है. लेकिन हम साफ कर देना चाहते हैं कि हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और हमें लगता है कि भारत को भी इसे बहुत गंभीरता से लेना चाहिए."

Advertisement

इससे पहले, अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में दावा किया था पन्नू की विफल हत्या की साजिश रचने में भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसी RAW का एक अधिकारी शामिल है. भारत ने इस रिपोर्ट का कड़ाई से खंडन किया था. खंडन करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि इस मामले की जांच एक उच्च-स्तरीय कमेटी कर रही है.

इधर, चेक रिपब्लिक की सर्वोच्च अदालत ने देश की एक निचली अदालत के उस फैसले पर रोक लगाई है जिसमें पन्नू की मर्डर प्लानिंग के आरोपी निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी गई थी. इंडियन एक्सप्रेस से जुड़ीं दिव्या ए और रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट की तरफ से कहा गया कि अमेरिका में निखिल गुप्ता पर केस चलने से सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें ही होगा.

ये भी पढ़ें- खालिस्तानी आतंकी पन्नू पर अमेरिका कार्रवाई क्यों नहीं करता? जयशंकर ने 'असल' वजह अब बताई

Advertisement

अदालत की तरफ से कहा गया जब तक वो ये फैसला नहीं ले लेती कि निखिल गुप्ता की याचिका सुनवाई के लायक है या नहीं, तब तक देश के न्याय मंत्री आरोपी के प्रत्यपर्पण पर कोई फैसला नहीं ले सकते. इससे पहले, गुप्ता ने इस साल जनवरी में प्राग हाई कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी. उनकी तरफ से कहा गया था कि निचली अदालत ने इस मामले के पॉलिटिकल नेचर का ढंग से मूल्यांकन नहीं किया.

निखिल गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने एक भारतीय अधिकारी के कहने पर गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रची. पन्नू ने इस समय अमेरिका में शरण ली हुई है. अमेरिका और चेक रिपब्लिक के बीच प्रत्यर्पण को लेकर एक संधि है. अमेरिका ने इसी संधि के तहत पन्नू के प्रत्यर्पण की मांग चेक रिपब्लिक से की है. इस बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अमेरिका ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू को अपने यहां शरण क्यों दे रखी है?

वीडियो: पन्नू की हत्या की साजिश में 'RAW अधिकारी का हाथ', अब आया भारत का जवाब

Advertisement