गुजरात के गांधीधाम के एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों को पढ़ाया जा रहा था कि गाय का मांस खाया जा सकता है. मामला सामने आने के बाद छात्रों के पैरेंट्स और हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने बवाल खड़ा कर दिया. विवाद बढ़ता देख स्कूल प्रशासन ने बयान जारी कर माफी मांगी है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि उसने यह जानकारी इंटरनेट से उठाई थी और उसका मकसद सनातन धर्म की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है.
गुजरात के स्कूल ने पढ़ाया- 'गाय का मांस खा सकते हैं', बवाल हुआ तो ऐसा पढ़ाने की वजह भी बता दी
Gujarat के गांधीधाम के एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों को पढ़ाया जा रहा था कि गाय का मांस खाया जा सकता है. स्कूल प्रशासन ने बयान जारी कर लोगों से माफी मांगी है. और क्या-क्या बताया?

आजतक के ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के अनुसार, एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों को अंग्रेजी में गाय के बारे में ज्ञान दिया जा रहा था. इस संबंध में छात्रों को जो बतलाया जा रहा था उसके टेक्स्ट का एक हिस्सा वायरल हो गया. इसमें गाय की एक सांकेतिक फोटो के नीचे लिखा था,
“यह एक गाय है. यह काली और सफेद होती है. इसे घास खाना पसंद है. हम इसका दूध पीना पसंद करते हैं. हम इसका मांस खा सकते हैं. इसके सिर पर दो सींग होते हैं. यह खेत में रहती है.”
यह हिस्सा पैरेंट्स के संज्ञान में जब आया तो उन्होंने इसका विरोध किया. स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाने लगी. इसके अलावा कुछ हिंदुवादी संगठनों ने भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया.
स्कूल ने बताया क्यों ऐसा पढ़ा दिया?इस मामले ने तूल पकड़ा तो स्कूल प्रशासन हरकत में आया. उसने एक बयान जारी कर माफ़ी मांगी. प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने यह कॉन्टेट Pinterest (इमेज शेयरिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) से उठाया था. उनका मकसद सनातन धर्म की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है. बयान में कहा,
“हम सनातन के सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं. हमारे कैंपेन के कारण हुए किसी भी अपराध या गलतफहमी के लिए हम माफी मांगते हैं. हमारा मकसद किसी की मान्यता या प्रथा का अपमान करना नहीं था.”
स्कूल प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि वे ऐसी समस्याओं का समाधान करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में डिजाइन किए गए उनके कैंपेन अधिक संवेदनशील हों.
वीडियो: आधी अधूरी जानकारी पर SBI को फिर फटकार..CJI चंद्रचूड़ ने क्या कहा ?













