मदद करना अच्छी बात है, पर अगर वो मदद खुद पर भारी पड़ जाए तो गुस्सा आता है. वो भी बहुत ज्यादा. कुछ ऐसा पुष्पेंद्र सिंह के साथ हुआ. पेशे से महाशय वकील हैं. गाज़ियाबाद के शंकर विहार कॉलोनी में रहते हैं.
सांड बचाने के लिए निकले थे, एकाउंट से एक लाख गायब हो गए, जानिए क्या है मामला?
पुलिस ने केस दर्ज करने में 22 दिन लगा दिए.


#अब हुआ क्या?
एनबीटी की खबर के मुताबिक, लालकुआं इलाके में एक सांड खाली प्लॉट पर बनी चौखट में फंस गया था. पुष्पेंद्र ने देखा, तो उसे बचाने के लिए रेस्क्यू टीम को कॉल किया. टीम ने कहा कि वो मदद करेंगे, लेकिन उसके पहले 10 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ेगी. साथ ही एक ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ेगा. पुष्पेंद्र ने ऑनलाइन फॉर्म भरा. इसमें उन्होंने अपने मोबाइल नंबर के साथ-साथ बाकी की डिटेल्स भी भर दीं. इसके बाद टीम ने कहा की थोड़ी देर में नगर निगम की गाड़ी मौके पर पहुंच जाएगी.लंबे इंतजार के बाद भी गाड़ी नहीं आई. उल्टा कांड हो गया. पुष्पेंद्र के अकाउंट से 1 लाख 02 हज़ार रुपये उड़ गए. यह पैसा चार ट्रांजैक्शन में निकाला गया.
#22 दिन बाद केस दर्ज!
पुष्पेंद्र का कहना है कि ये घटना 31 दिसंबर,2019 की है. कई बार शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई. कविनगर थाने के साथ-साथ वो साइबर सेल भी गए. लेकिन कुछ नहीं हुआ. फिर 22 जनवरी को पुष्पेंद्र ने SSP से मुलाकात की. तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई. उधर, पुलिस का कहना है कि जो प्राथमिक जांच की गई है, उससे ये लग रहा है कि बदमाशों ने जो ऑनलाइन लिंक भेजा था, उससे उन्होंने पुष्पेंद्र का फोन हैक कर लिया होगा. इसी से उन्होंने कॉन्फिडेंशियल डिटेल्स ले ली होंगी. और मौका मिलते ही सारे रुपये ट्रांस्फर कर लिए होंगे. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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