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सचिन बिश्नोई को अजरबैजान से भारत लाया गया, मूसेवाला के मर्डर की प्लानिंग में था शामिल

जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है सचिन

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अब सचिन बिश्नोई के जरिए सिद्धू मूसेवाला केस में बड़े खुलासे हो सकते हैं | फाइल फोटो: आजतक

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड गैंगस्टर सचिन बिश्नोई भारत आ गया है. मंगलवार, 1 अगस्त को उसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एक टीम अजरबैजान से भारत लेकर पहुंची. आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस टीम में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एक ACP, 2 इंस्पेक्टर समेत 4 अधिकारी शामिल थे. ये टीम रविवार, 30 जुलाई को देर रात अजरबैजान पहुंची थी. गैंगस्टर सचिन तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है.

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अजरबैजान में कैसे पकड़ा गया?

सचिन सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ दिन पहले ही दिल्ली से फरार हुआ था. सचिन ने भारत में रहकर ही मूसेवाला हत्याकांड की प्लानिंग की थी. फिर दिल्ली से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर वो अजरबैजान भाग गया था. सिद्धू मूसेवाला की हत्या के करीब एक महीने बाद ही सचिन के अजरबैजान में होने की सूचना दिल्ली पुलिस को मिली थी. इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए थे. कई दौर की बातचीत के बाद अजरबैजान की पुलिस ने सचिन को अरेस्ट कर लिया था.

मूसेवाला मर्डर में सचिन का अहम रोल था!

सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में सचिन बिश्नोई की गिरफ्तारी अहम मानी जा रही है. माना जा रहा है कि अब सचिन के जरिए एजेंसियां सिद्धू मूसेवाला केस में बड़े खुलासे कर सकती हैं. पंजाब पुलिस सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में ये दावा पहले ही कर चुकी है कि मूसेवाला की रेकी करने वाला संदीप उर्फ केकड़ा, सचिन बिश्नोई के संपर्क में था. उसी के कहने पर केकड़ा हत्या वाले दिन फैन बनकर मूसेवाला के घर पहुंचा था. वहां वो काफी देर तक रहा. चाय पी. मूसेवाला के साथ सेल्फी ली. बाद में उनके घर से निकलने की जानकारी शूटरों को दे दी. इसके बाद प्लान बनाकर बैठे शूटरों ने रास्ते में पंजाबी सिंगर की हत्या कर दी.

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बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या रविवार 29 मई, 2022 को हुई थी. ये हत्या पंजाब के मानसा जिले में हुई थी. मूसेवाला अपनी थार कार पर सवार थे. तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. बताया जा रहा है कि 24 गोलियां मूसेवाला के शरीर के आर-पार निकल गई थीं. जबकि एक बुलेट मूसेवाला के सिर की हड्डी में फंसी हुई मिली. सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी बिश्नोई गैंग और गोल्डी बराड़ गैंग ने ली.

गोल्डी ने खुद दावा किया था कि उसी ने अपने करीबी विक्की मिद्दूखेड़ा की मौत का बदला लेने के लिए सिद्धू मूसेवाला को मरवाया. गोल्डी तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है. लॉरेंस बिश्नोई भी दावा कर चुका है कि इस हत्याकांड के पीछे उसके गैंग का हाथ है.

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