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खूब चलीं गोलियां, अब अफ्रीका के इस देश में हुआ तख्तापलट, टीवी पर आए सैनिक क्या बोले?

अफ्रीकी देश गैबॉन में हुआ तख्तापलट. 30 अगस्त की सुबह बारह सैनिक एक टेलीविजन चैनल पर आए और चुनाव नतीजे रद्द करने की घोषणा की.

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गैबॉन में सेना ने किया तख्तापलट. (AP/Twitter)

अफ्रीकी देश गैबॉन (Gabon) में सैन्य तख्तापलट हो गया है. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने नेशनल टीवी पर आकर इस बात की घोषणा की है. सैनिकों के मुताबिक, हालिया चुनाव विश्वसनीय तरीके से नहीं हुआ है. हाल ही में हुए चुनाव में राष्ट्रपति अली बोंगो ओंडिम्बा ( Ali Bongo odimba) को तीसरी बार विजयी घोषित किया गया था. ओंडिम्बा को 64.27 फीसदी वोट मिले थे. जबकि उनके खिलाफ मुख्य उम्मीदवार अल्बर्ट ओन्डो ओसा को 30.77 फीसदी वोट मिले थे. तख्तापलट के साथ ही बोंगो परिवार 53 साल के शासन का अंत हो गया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 अगस्त की सुबह बारह सैनिक गैबॉन 24 टेलीविजन चैनल पर आए और कहा कि वे चुनाव के नतीजे रद्द कर रहे हैं और सभी संस्थाओं को भंग कर रहे हैं. मिलिट्री अधिकारियों ने कहा कि उन्हें चुनाव पर भरोसा नहीं था, इसलिए ये कदम उठाया है. इस घोषणा के दौरान पत्रकारों ने गोलियों की तड़तड़ाहत सुनी.

सैनिकों की तरफ से कहा गया कि उन्होंने मौजूदा शासन को समाप्त कर शांति की रक्षा करने का फैसला किया है. BBC की खबर के मुताबिक, तख्तापलट की घोषणा के बाद गैबॉन की राजधानी लिबरेविले में गोलियों की आवाजें भी सुनी गईं. इस पूरे मामले को लेकर देश की सरकार या किसी और अधिकारी की तरफ से फिलहाल कोई बयान जारी नहीं हुआ है.

इससे पहले, 26 अगस्त को चुनाव नतीजे आने के बाद ‘सुरक्षा कारणों’ से इंटरनेट को बैन कर दिया गया था, हालांकि कुछ देर बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई थी. मुख्य विपक्षी उम्मीदवार ओन्डो ओसा ने चुनाव समाप्ति से पहले जीत का दावा करते हुए "बोंगे खेमे पर धोखाधड़ी" का आरोप लगाया था. बोंगों के पिता उमर बोंगो ने गैबनीज डेमोक्रेटिक पार्टी का गठन किया था. वो साल 1967 से 2009 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे. साल 2009 में उनकी मौत के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री और उनके बेटे अली बोंगो राष्ट्रपति बन गए थे.

बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही अफ्रीकी देश नाइजर में भी सैन्य तख्तापलट हुआ था. नाइजर सेना ने नेशनल टीवी पर आकर बताया था कि उसने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को सत्ता से उखाड़ फेंका है. इसके साथ ही सेना ने राष्ट्रपति बजौम को कैद कर लिया था. सेना ने देश के सभी बॉर्डर्स को सील करने का ऐलान किया था. साथ ही पूरे देश में कर्फ्यू का ऐलान किया गया था और सभी सरकारी ऑफिस को सस्पेंड कर दिया गया था. वहीं पश्चिमी अफ़्रीकी देशों के आर्थिक समुदाय ECOWAS (Economic Community of West African States ) ने भी सेना के इस कदम की आलोचना की थी.

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