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जीत की ये वो तस्वीर है जिसे हर प्लेयर अपने पास फ्रेम करवाकर रखना चाहेगा

71 साल के बाद ये पल आया है.

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फोटो - thelallantop
क्या इंडिया एक कमजोर ऑस्ट्रेलियन टीम से जीती है? एडिलेड टेस्ट के पांचवें दिन का खेल देखकर ये बात बिल्कुल गलत साबित हो गई है. ऑस्ट्रेलिया के टेलेंडरों की बैटिंग देखी? जान हलक पर आ गई थी. इसलिए कह रहा हूं इंडिया ने एक मजबूत और जुझारू टीम को हराया है. ये माना जाता रहा है कि इंडिया किसी भी सीरीज की शुरूआत जीत से नहीं करती है. खासकर विदेशी दौरों पर. मगर इस बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला ही मैच जीतकर इंडिया ने अपने अग्रेशन का सबूत दे दिया है. दोनों देशों के क्रिकेट इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि इंडिया ओपनिंग टेस्ट जीती हो. पांचवें दिन के खेल की चार रोचक बातों पर नजर डालते हैं- #1. 31 और 41 का फेर: 115/5, 156/6, 187/7, 228/8, 259/9 और 291/10. मैच के पांचवें दिन इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 31 रनों से हरा दिया. मगर ऑस्ट्रेलिया के स्कोरकार्ड को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इनकी पांचवें विकेट के लिए 31 रनों की साझेदारी हुई. फिर छठे विकेट के लिए 41 रन, सातवें के लिए 31 रन, 8वें के लिए 41 और 9वें के लिए 31 रन और 10वें विकेट के लिए 32 रनों की साझेदारी हुई. आखिरकार 219 के स्कोर पर हेज़लवुड ने स्लिप में कैच दिया और इंडिया में मिठाइयां बंटने लगीं. ऑस्ट्रेलिया के स्कोरकार्ड में साझेदारियों का ऐसा संयोग बना कि इंडिया के सिर पर मैच हारने की संकट आ गया था मगर आखिरी में इंडिया 31 रनों से ही मैच जीती.  #2. ऋषभ पंत की चूक: टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत के लिए एडिलेड टेस्ट सबसे स्पेशल रहा है. यूं तो ये उनका छठा ही टेस्ट था, मगर पंत ने यहां एक रिकॉर्ड बनाया. रिकॉर्ड 11 कैच लेने का. पहली पारी में 6 और दूसरी में 5 कैच लेकर पंत ने ये रिकॉर्ड कायम किया. इंडिया से किसी भी विकेटकीपर ने इतने कैच नहीं लिए हैं. बस ऋद्धिमान साहा ने इसी साल जनवरी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 10 कैच लिए थे. मगर दुनिया में पंत एक मैच में 11 कैच लेने वाले तीसरे विकेटकीपर हैं. साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स और इंग्लैंड के जैक रसेल ने 11-11 कैच लपके हैं. मगर यहां पंत के पास 12वां मैच लेने और वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करने का भी मौका था. नेथन लायन बैटिंग कर रहे थे और बुमराह बॉलिंग. लायन के बल्ले को छूकर गेंद लेग साइड पर गई और इस लपकने के लिए पंत ने अपनी बाईं तरफ डाइव मारी और गेंद हाथ से निकल गई. साथ में खड़े कोहली भी उस कैच को नहीं पकड़ पाए थे. नतीजा ये हुआ कि लायन ने नाबाद 38 रन बना दिए और पंत इस वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी चूक गए. #3. दी ग्रेट चेतेश्वर पुजारा: इस मैच एक स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस रही चेतेश्वर पुजारा की. पुजारा ने पहली पारी में 123 और दूसरी में 71 रन बनाए. इसी के सहारे टीम ने पहली पारी में 250 और दूसरी में 307 रन बनाए. पुजारा को अपनी इस परफॉर्मेंस के लिए मैच ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया है. पुजारा का जिक्र इसलिए भी जरूरी है क्योंकि 2018 में इंडिया ने जो तीन टेस्ट मैच जीते हैं, उन तीनों में पुजारा का बल्ला चला है. साउथ अफ्रीका दौरे में जोहन्नसबर्ग टेस्ट जो लो स्कोरिंग था, पुजारा ने 50 रनों की पारी खेली, फिर इंग्लैंड दौरे में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में 72 रनों की पारी खेली और अब एडिलेड में 123 और 71 रनों की पारियां खेलीं. वैसे पुजारा ने इस बार वही किया है जो 2003-04 में एडिलेड में राहुल द्रविड़ ने किया था. एडिलेड में द्रविड़ ने पहली पारी में 233 और दूसरी में 72 रन बनाए थे. #4. कोहली की छाती पर तमगा: अब बात कप्तान विराट कोहली की. इस जीत के साथ ही कोहली ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला टेस्ट जीतने वाले पहले इंडियन कप्तान बन गए हैं. वहीं इंडिया ने आखिरी बार 2008 में अनिल कुंबले की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट जीता था. 2011-12 में धोनी की कप्तानी में टीम 4-0 से हारी और फिर 2014-15 में 2-0 से हारी थी. अब 10 साल के गैप के बाद ऑस्ट्रेलिया में कोई जीत मिली है. साथ ही कोहली ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी साफ कह दिया है कि टीम इंडिया यहां सीरीज जीतने के मकसद से आई है. वैसे कोहली की छाती पर एक तमगा ये भी लगा है कि कोहली एशिया से पहले कप्तान हैं जिनकी अगुवाई में टीम एक कैलेंडर ईयर में साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीती है. तो इस जीत के साथ इंडिया का ऑस्ट्रेलिया में खाता खुल गया है, अब अगला टेस्ट 14 दिसंबर से पर्थ में होना है और उम्मीद करते हैं कि टीम इंडिया अपने ये विनिंग स्ट्रीक आगे भी जारी रखेगी और ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतेगी.

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