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चार्जिंग पर लगे मोबाइल में विस्फोट हुआ, कमरे में 4 बच्चे मौजूद थे, चारों की जलकर मौत हो गई

यूपी के मेरठ में चार्जिंग के दौरान मोबाइल में धमाका होने से चार बच्चों की मौत हो गई जबकि उनके माता-पिता की हालत गंभीर है. कैसे हो गया इतना बड़ा हादसा, पड़ोसियों ने क्या-क्या बताया?

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चारों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. (फोटो- इंडिया टुडे)
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उस्मान चौधरी

यूपी के मेरठ में मोबाइल ब्लास्ट (Meerut Mobile Blast) होने की घटना सामने आई है. विस्फोट से फैली आग में झुलसकर 4 बच्चों की मौत हो गई. धमाके में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. ये घटना मेरठ की जनता कॉलोनी की है. मूल रूप से मुजफ्फरपुर के रहने वाले जॉनी यहां अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते हैं. जॉनी दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं.

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इंडिया टुडे से जुड़े उस्मान चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक हादसे वाले दिन 23 मार्च को जॉनी घर पर ही मौजूद थे. उनकी पत्नी बबीता खाना बना रही थीं. जबकि बेटी सारिका (10), निहारिका (8), बेटा गोलू (6) और कालू (5) कमरे में मौजूद थे. बताया जा रहा है कि कमरे के ही बोर्ड पर मोबाइल चार्जिंग में लगा हुआ था. बिजली के बोर्ड में लगे चार्जर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और मोबाइल में विस्फोट हो गया. इसी दौरान चिंगारी निकली और बेड पर बिछे फोम के गद्दे पर गिरी जिससे आग लग गई. बताया गया कि आग इतनी फैल गई कि बच्चों को कमरे से बाहर निकलने का भी मौका नहीं मिला.

चश्मदीदों ने बताई आंखों देखी

आग से घिरे बच्चों को बचाने की कोशिश में बबीता और जॉनी भी गंभीर रूप से झुलस गए. चीख पुकार के बाद पड़ोसी पहुंचे तो सभी लोगों को घर से बाहर निकालकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर देखकर उन्हें लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान आग में झुलसे चारों बच्चों ने दम तोड़ दिया और पति-पत्नी का इलाज जारी है.

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इलाके के लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज के बाद घर में आग लग गई. इसके बाद बच्चे इधर-उधर भागे और एक दूसरे को बचाने के चक्कर में झुलस गए. मेरठ के एसएसपी रोहित सिंह ने बताया,

शाम को 5 बजे के आसपास ये घटना हुई है. घटना में घायल बबीता (पत्नी) को दिल्ली रेफर कर दिया गया है. चारों बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है. घटना की भी जांच की जा रही है कि कैसे ये सब हुआ.

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वहीं सीओ दौराला सुचिता सिंह का कहना है कि बच्चों को 70 से 80% बर्न इंजरी थी. बबीता का इलाज दिल्ली में चल रहा है. बच्चों के पिता जॉनी खतरे से बाहर हैं.

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