यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) ने फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 पर हुई घटना को टेररिस्ट एक्ट की कोशिश माना है. UAE के मुताबिक, जांच में ये कन्फर्म हुआ है कि को-पायलट ने आतंकी हमला करने के इरादे से अपने कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया था. ये कुल्हाड़ी सुरक्षा के लिए कॉकपिट में रखी जाती है. 3 अक्टूबर को UAE के अटॉर्नी जनरल, काउंसल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने इसकी पुष्टि की, लेकिन आरोपी को-पायलट की पहचान नहीं बताई.
कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया, UAE ने फ्लाईदुबई घटना को 'टेररिस्ट एक्ट' माना
Flydubai की Flight FZ1073 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. UAE के Attorney-General ने पुष्टि की है कि फ्लाइट के Co-Pilot ने आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी. जांच के मुताबिक, उसने Captain Smit Machchhar पर Crash Axe से हमला किया.

UAE की सरकारी अमीरात न्यूज एजेंसी (WAM) ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, UAE के अटॉर्नी-जनरल, काउंसलर डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने कहा कि जांच से पता चला है कि को-पायलट ने आतंकवादी हरकत करने की कोशिश की थी.
डॉ अल शम्सी ने बताया कि को-पायलट ने उड़ान के दौरान अपने प्लान को अंजाम देना शुरू कर दिया. उसने कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मच्छार पर क्रैश एक्स (crash axe) माने कुल्हाड़ी से हमला किया. प्लेन पर कब्जा करने की कोशिश की. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि आरोपी को-पायलट का नाम हमाम अल हमामी, जिसका ताल्लुक ओमान से है.
इंटरनेशनल एविएशन नियमों के तहत, हर कमर्शियल एयरलाइन में क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) रखना जरूरी होता है. इसे प्लेन क्रैश जैसी इमरजेंसी के समय इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखा जाता है. पहले ये कुल्हाड़ियां मेन केबिन में रखी जाती थीं. लेकिन 9/11 हमले के बाद इन्हें कॉकपिट में शिफ्ट कर दिया गया.
अटॉर्नी-जनरल ने कहा कि घटना से जुड़े सभी हालात, मकसद और किसी भी तरह के कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश जारी है. साथ ही तकनीकी जांच और फिजिकल व डिजिटल सबूतों के एनालिसिस का काम अभी जारी है. सभी जरूरी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही अंतिम नतीजों का ऐलान किया जाएगा.
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30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी. करीब डेढ़ घंटे बाद विमान 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था. अंदर कुल 174 पैसेंजर थे. कॉकपिट में फ्लाइट के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और दूसरा को-पायलट था. 5 बजकर 21 मिनट पर को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.
जब विमान में ये सब हो रहा था, उस समय विमान से दो इमरजेंसी कोड भी भेजे गए. पहला था 7700, जिसका इस्तेमाल जनरल इमरजेंसी की स्थिति में किया जाता है. दूसरा था 7500, जो आम तौर पर विमान में UNLAWFULL INTERFERENCE यानी गैर-कानूनी दखल या हाइजैक जैसी स्थिति का संकेत देता है.
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट से जनरल इमरजेंसी का मैसेज गया. फिर 5 बजकर 38 मिनट पर UNLAWFULL INTERFERENCE का मैसेज भी ब्रॉडकास्ट हुआ. अब UAE ने पुष्टि कर दी है कि को-पायलट का इरादा ठीक नहीं था, और उसकी हरकत को आतंकी हमले की कोशिश माना गया है.
आगे जांच में पता चलेगा कि पकड़ा गया को-पायलट प्लेन को हाइजैक करके उसे इजरायल में क्रैश करना चाहता था, या उसका कोई और इरादा था. ऐसे में कई मौतें हो सकती थीं, लेकिन एक भारतीय कैप्टन और कुछ बहादुर यात्रियों की बदौलत प्लेन सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कर गया. सऊदी में ही कैप्टन स्मित और घायलों का इलाज चल रहा है. आरोपी को सऊदी से UAE भेज दिया गया है.
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