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कॉकपिट में खूनी संघर्ष, प्लंबर ने संभाला विमान... फ्लाइट यात्रियों ने बताया अंदर का हाल!

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में एक भारतीय पायलट की सूझबूझ और बहादुरी ने बहुत बड़े हादसे को टाल दिया. फ्लाइट में सवार यात्रियों ने बताया कि घटना के वो पल कैसे थे और विमान को किस तरह से संभाला गया.

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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था, यात्रियों ने अब खुद बताया

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  • फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को एक पायलट पर चाकू से हमला हुआ और विमान का नियंत्रण जवान प्लंबर यात्री ने संभालकर विमान को स्थिर किया।
  • हमले के पीछे पायलट की मंशा अस्पष्ट है और जांच जारी है, जिसके कारण विमान नियंत्रण संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई।
  • हमलावर को यात्रियों ने काबू किया और घायल पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर सुरक्षित लैंडिंग में मदद की, जिससे सभी 174 यात्रियों की जान बची।

एक प्लंबर ने आसमान में विमान संभाला. एक डेंटिस्ट ने घायल पायलट की जान बचाने की कोशिश की. एक भारतीय पायलट ने चाकुओं के हमले से लहूलुहान होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. ये सब हुआ दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में.

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30 स‍ितंबर को इस फ्लाइट में सवार 174 यात्रियों की जान खतरे में थी. कॉकपिट में पायलट पर चाकू से हमला हुआ, विमान तेजी से नीचे गिरने लगा था. लग रहा था कि कोई बड़ा हादसा सामने खड़ा है. लेकिन तभी कुछ यात्री अपनी सीट से उठकर कॉकपिट में पहुंच गए.

इनमें एक पेशे से प्लंबर हैं. उन्होंने टीवी पर देखी जानकारी के भरोसे विमान को सीधा करने में मदद की. वहीं एक डेंटिस्ट ने तत्काल घायल पायलट को मेडिकल हेल्प दी. आखिर कैसे इन आम यात्रियों ने मिलकर 174 लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला? इसकी पूरी कहानी बेहद हैरान करने वाली है

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फ्लाइट में सवार यात्रियों ने बताया क्या हुआ था उस वक्त

इस पूरी कहानी में एक नाम ऐसा है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी सीन जैसी लगती है. नाम है यानिव हायून, पेशे से प्लंबर हैं. हायून कॉकपिट तक खुदपहुंचे थे और हमलावर को काबू करने में मदद की. टाइम्स ऑफ इजरायल की र‍िपोर्ट में हायून ने बताया, ‘कॉकपिट में देखा कि घायल पायलट जमीन पर पड़े थे और दूसरा पायलट कंट्रोल के पास था. उन्होंने हमलावर को पकड़ा, उसे कॉकपिट से बाहर खींचा. दूसरे यात्रियों से उसे काबू करने में मदद करने को कहा. लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं हुआ था.'

हायून आगे कहते हैं कि विमान तेजी से एक तरफ झुकने लगा. इसके बाद मैं दोबारा कॉकपिट में पहुंचा और कंट्रोल अपने हाथ में लिया. उन्होंने कंट्रोल को पीछे की तरफ खींचा, जिससे विमान धीरे-धीरे सीधा होने लगा.’ जब उनसे पूछा गया कि उन्हें ये कैसे पता था, तो उनका जवाब बेहद दिलचस्प था. उन्होंने बताया क‍ि ‘मैं Mayday देखता हूं.’ असल में Mayday कनाडा की मशहूर डॉक्यूमेंट्री सीरीज है. जिसे कई जगह Air Crash Investigation के नाम से भी जाना जाता है. इसमें विमान हादसों और उनकी जांच को दिखाया जाता है.

भारतीय पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

हालांकि हायून प्रोफेशनल पायलट नहीं हैं.  उन्होंने विमान उड़ाना टीवी से नहीं सीखा था. उन्होंने बस उस वक्त टीवी पर देखी जानकारी को याद करके कंट्रोल खींचने की कोशिश की. थोड़ी देर बाद विमान का नियंत्रण दूसरे पायलटों और क्रू ने संभाल लिया. लेकिन कॉकपिट का दरवाजा खुला कैसे? यहां आते हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान उनके साथी पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया. मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए और कॉकपिट में गिर पड़े. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला रिलीज दबा दिया.

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दरवाजा खुलने के बाद यात्री और क्रू कॉकपिट तक पहुंच सके. उन्होंने हमलावर को काबू किया और विमान का नियंत्रण वापस लेने में मदद की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान विमान करीब 14 हजार फीट नीचे चला गया था. तभी सिर्फ हायून ही नहीं, कई यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डाली. तीन इजरायली यात्रियों, यानिव हायून, असफ राजवान और त्ज़्विका मानेस ने दूसरे यात्रियों और क्रू के साथ मिलकर आरोपी को काबू करने में मदद की.

यात्रियों ने बताया, 'हर ओर अफरा तफरी का माहौल'

असफ राजवान ने बताया कि ‘हालात बिल्कुल फिल्मों जैसे थे. यात्रियों ने आरोपी को काफी देर तक पकड़े रखा. उसे दोबारा हमला करने से रोकने के लिए हेडफोन की तारों और दूसरी चीजों का इस्तेमाल करके बांधने की कोशिश की गई.’

त्ज़्विका मानेस ने बताया कि ‘मेरी पत्नी हमारी छोटी बेटी को टॉयलेट ले जा रही थीं, तभी कॉकपिट से चीखने और संघर्ष की आवाज आई. विमान तेजी से नीचे जा रहा था और यात्री घबरा गए थे. मैंने अपनी बेटी को वहां से बाहर निकाला और फिर कॉकपिट की तरफ गया. इसके बाद दूसरे यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू करने में मदद की.’

इस बीच विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट डॉ. शोटा मुसायेव भी कॉकपिट तक पहुंच गए. डॉ. मुसायेव ने बताया कि ‘मैंने कैप्टन मच्छार को गंभीर रूप से घायल हालत में देखा. उनके सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था. मुसायेव ने इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया और ब्लीडिंग रोकने की कोशिश की.’

एक तरफ यात्री हमलावर को काबू करने में जुटे थे, दूसरी तरफ एक डेंटिस्ट घायल पायलट की जान बचाने में जुट गए. इन सबके बीच फ्लाइट ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा. विमान को इजरायल के बजाय सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट किया गया. विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर विमान को स्थिर करने और सुरक्षित लैंडिंग कराने में मदद की. आखिरकार बोइंग 737 ताबुक में सुरक्षित उतर गया.

नेतन्याहू और PM Modi ने की कैप्टन स्मित की तारीफ

विमान में सवार सभी 174 लोग बच गए. कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. मच्छार की बहादुरी की तारीफ भारत और इजरायल दोनों जगह हो रही है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मच्छार को हीरो बताते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की.

यह भी पढ़ें: 'हालात बुरे थे, पर कमाल कर दिया', ट्रंप-नेतन्याहू ने Flydubai के भारतीय पायलट की तारीफ की

कॉकपिट में क्या हुआ था?

लेकिन कहानी में अभी सबसे बड़ा सवाल बाकी है, आखिर कॉकपिट में हुआ क्या था? फ्लाईदुबई ने शुरुआती तौर पर इसे कॉकपिट में झड़प की बात कही है. कंपनी और संबंधित एविएशन अथॉरिटीज मामले की जांच कर रही हैं.
इजरायली अधिकारियों और यात्रियों की तरफ से इसे विमान को क्रैश करने की कथित कोशिश बताया गया है. लेकिन हमले की असली वजह और को-पायलट की मंशा क्या थी, इस पर जांच पूरी होने तक तस्वीर साफ नहीं है. आरोपी को सऊदी अरब में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. इस पूरी कहानी में कई लोग ऐसे थे जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना एक-दूसरे की मदद की. एक घायल भारतीय कप्तान, जिसने दरवाजा खोलने का फैसला लिया.

एक यात्री जिसने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू करने में मदद की. एक दूसरा यात्री जो पेशे से प्लम्बर है उसने टीवी पर देखी जानकारी के आधार पर विमान को सीधा करने में मदद की. एक डेंटिस्ट, जिसने घायल पायलट का इलाज किया. और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट, जिन्होंने आखिरकार विमान को सुरक्षित जमीन तक पहुंचाया.

वीडियो: दुनियादारी: Flydubai Flight के कॉकपिट में भिड़े दोनों पायलट, नेतन्याहू ने क्या बताया?

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