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ओमानी पायलट विमान उड़ाने के लिए था अनफिट, फ्लाईदुबई ने बैकग्राउंड चेक भी नहीं किया?

फ्लाईदुबई फ्लाइट का को-पायलट हमाम अल-हमामी पहले ओमान एयर में काम करता था. ऐसी रिपोर्ट सामने आई है कि फ्लाईदुबई में उसकी भर्ती हुई तब कथित तौर पर उसका बैकग्राउंड चेक नहीं हुआ था. पता चला है कि उसे पहले ही उड़ान भरने से रोका गया था.

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि को-पायलट किसी भी उड़ान के लिए योग्य नहीं थे. (courtesy: ITG)

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  • फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने 30 सितंबर को कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था, जिससे विमान 16 हजार फीट से अधिक नीचे गिर गया।
  • हमामी को ओमान में कट्टरपंथी विचारधारा के कारण उड़ान भरने से रोका गया था, पर फ्लाईदुबई ने उसकी पिछली जानकारी नहीं ली और उसे नौकरी दी।
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को विमान उड़ाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए और अमेरिका एयरलाइन सुरक्षा नियमों की समीक्षा कर रहा है।

फ्लाईदुबई का को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिस शख्स ने 30 सितंबर को कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था, उसे ओमान में पहले ही उड़ान भरने से रोका जा चुका था. अधिकारियों को उसके बिहेवियर और कट्टरपंथी विचारधारा के प्रति रुझान को लेकर चिंता थी. इसके बावजूद वो बाद में फ्लाईदुबई में भर्ती हुआ और पैसेंजर प्लेन उड़ाने लगा. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी को-पायलट को लेकर बयान दिया है. 

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रिपोर्ट में क्या छपा है? 

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी पहले ओमान एयर में काम करता था. ओमानी अधिकारियों ने उसके ऑनलाइन एक्टिविटी की जांच की थी. जांच के दौरान उसकी कट्टरपंथी विचारधारा में दिलचस्पी को लेकर चिंता सामने आई थी. इसके बाद उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया था.

उसे डी-रेडिकलाइजेशन यानी कट्टरपंथी विचारों से बाहर निकालने वाले एक प्रोग्राम में भी शामिल किया गया. बाद में उसे पायलट की नौकरी से हटाकर डेस्क जॉब दे दी गई थी.

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लेकिन जब हमामी ने फ्लाईदुबई में नौकरी की, तो उसके बारे में ये सारी जानकारी नहीं दी गई थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान ने अपनी चिंताओं के बारे में दूसरी एयरलाइंस या अधिकारियों को आगाह नहीं किया था. फरवरी में फ्लाईदुबई ने जब हमामी को नौकरी पर रखा, तो एयरलाइन ने कथित तौर पर उसकी पिछली नौकरी को लेकर ओमान से जानकारी भी नहीं मांगी.

जेडी वेंस ने क्या बताया?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार 5 अक्टूबर को अलास्का के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत की. कहा, 

‘इस कहानी की सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि वो शख्स (आरोपी पायलट) एक समस्या है. मैं स्पष्ट कर दूं कि इसका मतलब ये नहीं है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को उसके बारे में पहले से जानकारी थी. लेकिन अगर उसके पुराने रिकॉर्ड और बैकग्राउंड को देखें, तो सब साफ है. उस शख्स को किसी भी एयरलाइन का विमान उड़ाने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए थी.’

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वेंस ने आगे कहा कि, अमेरिका अपने एयरलाइन सुरक्षा नियमों को भी देख रहा है. खास तौर पर ये जांच की जा रही है कि किसी ऐसे व्यक्ति को पैसेंजर फ्लाइट उड़ाने से कैसे रोका जाए, जो सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है.

उन्होंने दूसरे देशों से आने वाले पायलटों को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही. उन्होंने ने 9/11 हमले का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि हम पहले भी ऐसा भुगत चुके हैं. जिन लोगों को किसी भी हालत में अमेरिका में आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी, उन्हें देश में आने दे चुकें है. 

पत्रकारों ने जेडी वेंस से फ्लाईदुबई की घटना में ईरान की संभावित भूमिका के बारे में भी सवाल पूछा. वेंस ने कहा कि उन्हें अभी तक ईरान की भूमिका के बारे में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है.

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फ्लाईदुबई में हुई घटना से पूरे विश्व में हड़कंप 

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की बोइंग 737 MAX 8 दुबई से इज़राइल के तेल अवीव जा रहा था. प्लेन में 174 लोग सवार थे. इनमें ज्यादातर यात्री इजरायली थे. उड़ान के दौरान को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. 

हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा. लगभग सिर्फ 30 सेकंड में प्लेन 16 हजार फीट से ज्यादा नीचे चला गया. कैप्टन स्मित हमले में घायल हुए. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की और यात्रियों की जान बचाई. 

वीडियो: फ्लाईदुबई के को-पायलट हमले को यूएई ने आतंकी हमला क्यों माना?

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