The Lallantop

ईरान के क़ेशम द्वीप पर अमेरिका ने किया हमला, दोनों देशों के बीच समझौते की गुंजाइश खत्म?

अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर नया हमला किया है. यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब दोनों देशों के बीच समझौते की बातचीत चल रही है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने और प्रतिबंध हटाने समेत चार शर्तें रखी हैं. ऐसे हालात में हमले की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है.

Advertisement
post-main-image
ईरान के क़ेशम द्वीप पर अमेरिका का नया हमला (Courtesy- ITG)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर उन ठिकानों को निशाना बनाकर सीमित स्तर का हमला किया, जहां से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागी गई थीं।
  • मिसाइल हमलों को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अमेरिका ने पिछले हफ्तों में ईरान पर गुपचुप हमले किए।
  • इस हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जबकि दोनों देशों के बीच समझौते की बातचीत जारी है।

ईरान और अमेरिका के बीच एक तरफ समझौते की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ हमले भी जारी हैं. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर नया हमला किया है. ये हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है. उन्होंने समझौता होने की उम्मीद भी जताई है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों में ईरान पर गुपचुप तरीके से कई छोटे हमले किए हैं. 

Advertisement

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने से रोकना था. हालांकि, इस नए घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव पहले से बढ़ गया है. 

क़ेशम द्वीप पर क्या हुआ?

अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार संस्थान एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि, इस बार उन ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइलें दागी गई थीं. ये मिसाइलें आसमान में उड़ने वाले विमानों को निशाना बना सकती हैं. अधिकारियों ने बताया कि यह हमला सीमित स्तर का था. हालांकि, ये हमला ट्रंप के उस बयान के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा.

Advertisement
समझौता अच्छी दिशा में बढ़ रहा है

ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ समझौते की बातचीत अच्छी चल रही है. उन्होंने दावा किया कि ईरान भी समझौता करना चाहता है. TRT World के मुताबिक, ट्रंप ने ये भी कहा कि ईरान ने अपने नेताओं पर हमले रोकने की मांग की है. अमेरिका ऐसा करने के लिए तैयार है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ी है. अभी समझौते के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है. लेकिन समझौते के लिए ईरान को भरोसा देना होगा कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू नहीं करेगा.

यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में 9 करोड़ का खाने-पीने का सामान जब्त, पतंजलि के घी पर भी FDA का एक्शन

ईरान की क्या शर्तें हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि उनका देश सात स्टेप वाला एक प्रस्ताव आगे बढ़ाना चाहता है. इसके तहत होर्मुज को फिर से खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत शुरू करने की बात है. ईरान की चार मुख्य शर्तें हैं. 

Advertisement
  • अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी खत्म करे. 
  • ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं. 
  • अमेरिका हमले रोकने की गारंटी दे. 
  • पूरे इलाके में युद्धविराम हो, खासकर लेबनान में.
तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव का असर तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को बातचीत की उम्मीद बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमत करीब 7.6 फीसदी गिर गई थी. लेकिन अमेरिकी हमले की खबर आने के बाद मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.5 फीसदी बढ़कर 105.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई.

इसमें होर्मुज स्ट्रेट की बड़ी भूमिका है. जंग से पहले दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता था. अगर यहां जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो दुनिया के कई देशों में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

वीडियो: दुनियादारी: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव, रिपब्लिकन की होगी फजीहत?

Advertisement