फ्लाईदुबई फ्लाइट के कॉकपिट में हमले को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जिस को-पायलट पर अपने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने और दुबई-तेल अवीव फ्लाइट को गिराने की कोशिश करने का आरोप है, उसकी पहचान को लेकर रहस्य बना हुआ था. लेकिन अब कई रिपोर्ट्स में उसका नाम हमाम अल हमामी बताया जा रहा है.
ओमान में प्लेन उड़ाने से रोका गया, फिर Flydubai के कॉकपिट में कैसे घुसा Hamam al-Hammami?
आरोपी को-पायलट Hamam al-Hammami को Oman Air ने सुरक्षा के लिए खतरा माना था. उसे प्लेन उड़ाने की ड्यूटी से हटाकर ऑफिस के काम में लगा दिया था. फिर ये को-पायलट Flydubai की फ्लाइट कैसे उड़ाने लगा?

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट ने दावा किया कि आरोपी को-पायलट हमाम अल हमामी पहले भी शक के घेरे में रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान में उसकी विचारधारा से जुड़ी चिंताओं की वजह से उसे प्लेन उड़ाने तक से रोक दिया गया था. लेकिन बाद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की फ्लाईदुबई एयरलाइन ने उसे नौकरी दे दी.
यह साफ नहीं है कि ओमान ने हमाम अल हमामी को लेकर अपनी चिंता दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ शेयर की थी या नहीं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी बनने की असल वजह का पता नहीं चल पाया है.
इस मामले पर अमेरिकी मीडिया संस्थान ABC न्यूज ने भी एक रिपोर्ट छापी है. सीनियर इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों ने ABC को बताया कि फ्लाईदुबई का को-पायलट एक ओमानी नागरिक है, और ओमान एयर ने उसे सुरक्षा के लिए खतरा माना गया था. इसके बाद ओमान एयर ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था.
जांच से जुड़ी जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से इजरायली मीडिया i24NEWS इंग्लिश ने भी एक रिपोर्ट छापी है. इसने दावा किया कि को-पायलट ने जांच टीम को बताया कि उसका इरादा प्लेन को इजरायल में क्रैश करने का था.
फ्लाइट से हटाकर ऑफिस में बैठायाएक अन्य अमेरिकी मीडिया न्यूज संस्थान CBS के मुताबिक अल-हमामी ने कुछ समय के लिए ओमान एयर के लिए काम किया. लेकिन ओमान सरकार की निगरानी में पता चला कि वह कट्टरपंथी वेबसाइट देख रहा था. इसके बाद ओमान एयर ने उसका तबादला कर उसे ऑफिस वर्क दे दिया. लेकिन डेस्क ड्यूटी पर भेजे जाने के बाद पायलट ने ओमान एयर से इस्तीफा दे दिया. उसने 2024 के आसपास एयरलाइन छोड़ दी थी.
CBS को सूत्रों ने बताया कि एक बार अल-हमामी ने दुबई में 'एल अल इजरायली एयरलाइंस' के विमानों का एक वीडियो पोस्ट किया था. इसके आखिर में अल-कायदा के लीडर अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर दिखाई गई थी. जवाहिरी ओसामा बिन लादेन का राइट हैंड माना जाता था. लादेन के बाद वो अल कायदा का चीफ बना. 2022 में अमेरिकी ड्रोन हमले में जवाहिरी की मौत हो गई.
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नौकरी छोड़ने के बाद अल-हमामी दुबई चला गया. 'फ्लाईदुबई' ने ओमान सरकार से उनकी जांच-पड़ताल किए बिना ही उसे नौकरी पर रख लिया. ये भी कहा जा रहा है कि अल-हमामी ओमान का नागरिक तो है, लेकिन उसका जन्म ओमान में नहीं हुआ था. उसने अपनी जिंदगी का अधिकतर हिस्सा ओमान के बाहर बिताया.
इजरायल जाने की इजाजत मिली कैसे?रिपोर्ट कहती है कि कि उसकी मां सीरियाई है, और पिता ओमान के रहने वाले हैं. लेकिन अभी तक ओमान सरकार ने सार्वजनिक रूप से उनकी नागरिकता की पुष्टि नहीं की है. लेकिन एक सवाल उठता है कि उसे इजरायल जाने की इजाजत कैसे मिली. क्योंकि ओमान के नागरिक इजरायल नहीं जा सकते . इसलिए दावा किया जा रहा है कि उसके पास दोहरी नागरिकता हो सकती है. लेकिन, ओमान में आम तौर पर डुअल सिटिजनशिप नहीं मिलती. केवल ओमान के सुल्तान ही चुनिंदा मामलों में दोहरी नागरिकता की इजाजत दे सकते हैं.
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