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यूपी: पुलिस मेस का खाना लेकर मुख्यालय के आगे बहुत रोया कॉन्स्टेबल, वीडियो वायरल

पुलिस ने कॉन्स्टेबल मनोज कुमार के लिए कहा- लापरवाह है, अनुशासनहीन है, गैरहाजिर रहता है, 15 बार सजा पा चुका है.

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मेस के खाने के साथ कॉन्स्टेबल मनोज कुमार (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट/आज तक)

उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद पुलिस (Firozabad Police) के एक कॉन्स्टेबल ने मेस में खराब खाना दिए जाने का आरोप लगाया. कॉन्स्टेबल मनोज कुमार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मनोज फिरोजाबाद जिला पुलिस मुख्यालय के पुलिस लाइन में तैनात हैं. उन्होंने खाने की थाली हाथ में लेकर आरोप लगाया कि पुलिस लाइन के मेस में दाल में पानी ज्यादा होता है और रोटी कच्ची दी जाती है. मनोज का कहना है कि 12 घंटे ड्यूटी करने के बाद उन्हें इस तरह का खाना दिया जाता है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उन्हें धमकी दी जा रही है.

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कॉन्स्टेबल मनोज कुमार की शिकायत

वीडियो में कॉन्स्टेबल मनोज कुमार खाने की थाली लेकर पुलिस मुख्यालय के गेट पर खड़े हैं. ये वीडियो 10 अगस्त का बताया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय के गेट के बाहर मीडियाकर्मियों के सामने खाने की शिकायत करते-करते मनोज रोने लगे. उन्होंने कहा कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है. वो कहते हैं, 

"इस विभाग में कोई सुनने वाला नहीं है. अगर कप्तान साहब पहले सुन लिए होते तो उन्हें यहां आने की जरूरत नहीं पड़ती. कप्तान साहब निकलकर आए तो मैंने उनसे कहा कि आप इसमें से 5 रोटी खा लीजिए. कम से कम पता तो चले कि आपके सिपाही 12 घंटे ड्यूटी करने के बाद ये रोटियां खा रहे हैं. मैं आपसे बस पूछना चाहता हूं कि क्या आपके बेटे-बेटियां ये रोटी खा सकेंगे. कोई सुनने वाला नहीं है, मैं सुबह से भूखा हूं."

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मनोज आगे कहते हैं, 

"किससे कहूं, यहां मेरे मां-बाप थोड़ी हैं. मेस मैनेजर के द्वारा धमकी दी जा रही है कि अगर थाली को लोगों के बीच लेकर गया तो तुम्हें बर्खास्त करके छोड़ेंगे. आप बताइए कि मेरे साथ ज्यादती हो रही है या नहीं. डीजीपी महोदय को फोन किया तो उनके पीएसओ ने कहा कि फोन काट दो नहीं तो बर्खास्त करके घर भेज दिया जाएगा. एडीजी को फोन किया लेकिन उन्होंने उठाया नहीं."

कॉन्स्टेबल मनोज ने लोगों से कहा कि आप ही बताइए किसके-किसके पास शिकायत करने जाएं अगर अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सिपाही आए दिन आत्महत्या कर लेते हैं, कोई सुनने वाला नहीं है. मनोज कहते हैं कि उनकी जिंदगी की कोई अहमियत नहीं है.

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इससे पहले भी मनोज ने मेस के खाने का खुद से वीडियो बनाया था. इसमें वे कह रहे हैं कि यहां पर यही सिस्टम चलता है, कच्ची रोटियां खा-खाकर पुलिस परेशान है. वे कहते हैं कि इसको लेकर उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

फिरोजाबाद पुलिस का जवाब

वीडियो वायरल होने के बाद फिरोजाबाद पुलिस ने कहा कि पुलिस लाइन के क्षेत्राधिकारी को जांचकर कार्रवाई करने को कहा गया है. फिर बाद में एक ट्वीट में फिरोजबाद पुलिस ने लिखा,

"मेस के खाने की गुणवत्ता से संबंधित शिकायती ट्वीट प्रकरण में खाने की गुणवत्ता संबंधी जांच सीओ सिटी कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता कॉन्स्टेबल को आदतन अनुशासनहीनता, गैरहाजिरी और लापरवाही के मामलों में पिछले सालों में 15 बार सजा दी गई है."

विपक्ष का सरकार पर निशाना

उधर विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी (AAP) की उत्तर प्रदेश इकाई ने ट्विटर पर लिखा है,

(सीएम योगी) आदित्यनाथ जी देखिए इस वीडियो को शर्म कीजिए अपनी सरकार पर जो सिपाहियों के लिए अच्छा खाना तक नहीं दे पा रही है..!

वहीं यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने ट्विटर पर लिखा कि यूपी पुलिस के सिपाही मनोज कुमार के ये आंसू बताने के लिए काफी हैं कि प्रधानमंत्री 18-18 घंटे किन-किन लोगों के लिए काम कर रहे हैं और बाकियों का क्या हाल है.

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