अमेठी के जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने एक घोटाले के आरोप में दो SDM के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है (FIR on two SDM over alleged corruption). मामला राजकीय कोष में हुए 382 करोड़ रुपए के घोटाले से जुड़ा है.
यूपी: किसानों की जमीन से खेल कर हुआ '382 करोड़ का घोटाला', दो SDM पर केस दर्ज
अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील में नेशनल हाईवे-56 के मुआवजा वितरण घोटाले को लेकर शासन ने सख्ती दिखाई है. मामले को लेकर SDM अशोक कुमार कनौजिया और रिटायर्ड SDM आरडी राम के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है.


अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील में नेशनल हाईवे-56 के मुआवजा वितरण घोटाले को लेकर शासन ने सख्ती दिखाई है. मामले को लेकर SDM अशोक कुमार कनौजिया और रिटायर्ड SDM आरडी राम के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है.
दरअसल, लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जगदीशपुर और मुसाफिरखाना बाईपास के पास रोड निर्माण के लिए 45 गांव में किसानों से भूमि अधिग्रहित की गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SDM अशोक कुमार कनौजिया और रिटायर्ड SDM आरडी राम पर आरोप हैं कि उन्होंने NH-56 से दूर पड़ने वाली भूमि को गलत तरह से हाईवे की बगल में दिखाया. दोनों ने इस फर्जीवाड़े के जरिये सरकारी कोष के 382 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. मामले को लेकर 11 अक्टूबर को दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
2012 में सरकार ने स्वीकृति दीभारत सरकार ने लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे-56 के चौड़ीकरण के आदेश साल 2012 में दिए थे. हाईवे चौड़ा करने के अतिरिक्त जगदीशपुर और मुसाफिरखाना में बाईपास बनाने के लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी. इसी बाईपास निर्माण के लिए अफसरों ने अवैध तरीके से कृषि भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना करने के बजाए उसे नेशनल हाईवे से सटी भूमि के बराबर निर्धारित कर दिया.
जब मामले की जानकारी सामने आई तो जांच शुरू हुई. पता चला कि 382 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है. इस घोटाले में दोनों SDM के नाम सामने आए. रिटायर्ड SDM आरडी राम 23 फरवरी 2015 से 18 सितंबर 2015 के बीच तत्कालीन उपजिलाधिकारी, मुसाफिरखाना के रूप में तैनात थे. वहीं SDM अशोक कुमार कनौजिया 18 सितंबर 2015 से 25 मार्च 2016 के बीच मुसाफिरखाना के उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे. मामले में कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है.
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