समाचार एजेंसी PTI से बात करते हुए रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने भी इस घटना की पुष्टि की है. साथ ही दावा किया है कि किसानों को बॉर्डर पर ही रोक दिया है. 4 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत होने वाली है. और इस मुलाक़ात के ठीक एक दिन पहले रेवाड़ी की ये घटना सामने आयी है.
किसानों पर आंसू गैस के गोले दागता सिपाहीग़ौरतलब है कि रेवाड़ी से होकर गुज़रने वाले दिल्ली जयपुर हाईवे पर मौजूद सांगरी चौक पर किसान पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले हुए थे. ख़बरों के मुताबिक़, 2 जनवरी को ही हरियाणा के कई हिस्सों से किसान ट्रैक्टर और गाड़ी समेत आकर हाईवे के क़रीब जम गए. 3 जनवरी की शाम किसानों ने दिल्ली कूच करने का मन बनाया. शाम के 4 बज गए थे. हरियाणा पुलिस ने मसानी बैराज पर किसानों को कंटेनर लगाकर रोक दिया. इसके बाद किसान रोड डिवाइडर पार करके जयपुर वाली लेन में आ गए, यहीं पर हरियाणा पुलिस से किसानों की झड़प हुई.
वहीं किसानों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा इस्तेमाल में लाए गए आंसू गैस के गोले एक्सपायर हो चुके थे. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के मुताबिक़, किसानों ने कहा है कि उनके ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों में रखे गैस सिलिंडर फट सकते थे. बताया जा रहा है कि घटना के बाद भी बॉर्डर पर किसान भारी संख्या में डटे हुए हैं. मीडिया से बातचीत में किसान नेताओं ने कहा है कि वो फिर से दिल्ली जाने की जुगत करेंगे.
इसके पहले 31 दिसंबर को शाहजहांपुर बॉर्डर पर भी ऐसी ही घटना सामने आयी थी, जब आक्रोशित किसानों के एक आक्रोशित जत्थे ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर दिल्ली की ओर कूच करना शुरू कर दिया था. इस समय भी हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का प्रयोग किसानों को रोकने के लिए किया था.




















