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अमेरिका ने तोड़ा सीजफायर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दागे बम, बढ़ेगा तनाव?

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर फिर टूट सकता है. Iran के मुताबिक US ने Hormuzgan में हमला किया है. अमेरिका ने इस आत्मरक्षा में उठाया हुआ कदम बताया है. हालांकि, इस हमले के बाद तनाव के बढ़ने की आशंका है.

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अमेरिका का कहना है कि ये हमला सिर्फ डिफेंसिव यानी आत्मरक्षा में किया गया है (PHOTO-India Today)

ईरान ने सीजफायर के बीच अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. ईरान के मुताबिक अमेरिका ने 26 मई को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास होर्मुजगान प्रांत में सीजफायर का उल्लंघन किया है. इस हमले के बाद से एक बार फिर ऐसा लगने लगा है कि सीजफायर टूट सकता है. साथ ही, दोनों देशों के बीच होने वाला समझौता भी ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है.

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ईरान के विदेश मंत्रालय ने हमलों के बाद, अमेरिका पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिका ने होर्मुजगान में हमला किया जिससे पूरे इलाके में धमाके हुए हैं. दूसरी तरफ अमेरिका ने इस कार्रवाई को डिफेंसिव यानी आत्मरक्षा में उठाया हुआ कदम बताया है. उसका कहना था कि उसने उन मिसाइल ठिकानों और नावों को निशाना बनाया, जो कथित तौर पर होर्मुज के पास नेवल बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने की कोशिश कर रही थीं.

होर्मुज का खुलना अभी भी ‘अंधकार’ में

अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो ने कहा कि समझौते को पक्का करने के लिए चल रही बातचीत में अभी भी ‘कुछ दिन’ लग सकते हैं. ईरान और अमेरिका के बीच एक शुरुआती बातचीत के बाद कुछ उम्मीद जगी थी कि दोनों देशों के बीच कोई न कोई डील जरूर हो जाएगी. इससे जंग रुकेगी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते समुद्री ट्रैफिक बहाल हो जाएगा. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित शुरुआती समझौता शिपिंग रूट्स को फिर से खोलने और वेस्ट एशिया में लड़ाई को कम करने के लिए 30 दिन का एक रोडमैप तैयार करेगा. वहीं ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे बड़े और मुश्किल मुद्दों को बाद की बातचीत के लिए छोड़ दिया जाएगा.

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रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से बात कर रहे लोग, लगभग 24 अरब डॉलर (लगभग दो लाख करोड़) की जब्त की गई संपत्ति भी वापस मांग रहे हैं. इसके अलावा, ईरान ने लेबनान में भी दुश्मनी खत्म करने पर जोर दिया है. अप्रैल में हुए सीजफायर के बावजूद इजरायली सेना और हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के बीच लड़ाई जारी है.

तेल की सप्लाई पर बड़ा खतरा

अमेरिका-ईरान की इस जंग ने पूरी दुनिया की तेल सप्लाई को बुरी तरह से प्रभावित किया है. होर्मुज के रास्ते दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) गुजरता है. लेकिन जंग के बाद से इस सप्लाई पर बुरा असर हुआ है. बीते कुछ दिन में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने 24 घंटों में सिर्फ 25 ऑयल टैंकर्स और कमर्शियल जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है. IRGC का दावा है कि उन्होंने इस इलाके में एक अमेरिकी ड्रोन को भी मार गिराया है. साथ ही उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने भी ईरानी एयरस्पेस में घुस रहे एक फाइटर जेट को भी ट्रैक किया है.

वीडियो: दुनियादारी: अब्राहम अकॉर्ड्स को ईरान डील से क्यों जोड़ रहे हैं ट्रंप?

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