उन्नाव में फेक वैक्सीनेशन का मामला सामने आया है. बिना वैक्सीन लगाए ही लोगों को मैसेज मिल रहे हैं. (फोटो-India today)
उत्तर प्रदेश का उन्नाव जिला. यहां लोगों ने फेक वैक्सीनेशन यानी नकली टीकाकरण की शिकायत की है. इंडिया टुडे/आजतक से जुड़े अभिषेक मिश्रा के मुताबिक जिले में बड़ी मात्रा में अनरजिस्टर्ड वैक्सीन डोज पाए गए हैं. ये वैक्सीन खुराक कोल्ड स्टोरेज से बाहर रखी मिली हैं. इतना ही नहीं, लोगों को गलत तरीके से मैसेज मिल रहे थे कि उन्हें टीका लग गया है.
क्या है मामला?
उन्नाव के मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए आई लगभग 3000 वैक्सीन डोज एक निजी कर्मचारी के आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद की गईं. इन टीकों को कोल्ड स्टोरेज में भी नहीं रखा गया था. मौके पर पहुंचे सफीपुर से भाजपा विधायक बंबा लाल दिवाकर ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आला अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय से भी शिकायत की है. CMO यानी चीफ मेडिकल ऑफिसर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. मामले पर इंडिया टुडे से बातचीत में IO संगीत पटेल ने कहा,
CHC सुपरिटेंडेंट आफताब अहमद ने स्टोर हेल्पर रानी को इन वैक्सीन बॉक्स को अपने पास रखने के लिए कहा था. रानी ने कहा कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इन शॉट्स का क्या उपयोग किया गया. वो केवल अधीक्षक के आदेशों का पालन कर रही थी. रानी ने आरोप लगाया है कि आफताब अहमद सीएचसी में किए गए काम के फर्जी रिकॉर्ड बनाने के लिए दबाव बनाते थे. ऐसा नहीं करने पर जॉब से निकालने की धमकी देते थे.
इंडिया टुडे की टीम ने मियागंज CHC का दौरा किया, लेकिन अधीक्षक मौके पर नहीं मिले. उनके दोनों मोबाइल नंबर भी बंद थे.
लोगों की शिकायत के बाद मामला सामने आया
ये नकली टीकाकरण रैकेट तब सामने आया जब इलाके के वैक्सीन लाभार्थियों को ये संदेश मिला कि उन्हें दूसरी खुराक लग गई है, जबकि जिन्हें ऐसा हुआ ही नहीं था. पहली डोज लगवा चुके 42 साल के उमेश चंद्र नामक शख्स ने बताया,
सात नवंबर को वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी थी, पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का मैसेज आ गया. साथ-साथ मेरे भतीजे को भी दूसरी डोज लगने का मैसेज भेज दिया गया, जबकि उसे भी डोज नहीं लगी है. मैंने मामले की शिकायत सीएमओ और जिलाधिकारी से की है.
26 वर्षीय राजेश कनौजिया की भी कुछ ऐसी ही कहानी है. उन्होंने 7 नवंबर को वैक्सीनेशन के लिए टाइम बुक किया था. लेकिन वैक्सीन लगने से पहले ही उन्हें मैसेज मिल गया कि वैक्सीन लग गई. सीएचसी पहुंचे तो बताया गया कि तकनीकी खराबी है. वहीं, भूपतिखेड़ा निवासी पूनम नामक महिला ने बताया कि उन्हें भी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगी है, फिर भी उन्हें वैक्सिनेशन कंप्लीट होने का मैसेज आ गया है. उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया. इस बारे में सीएमओ सत्य प्रकाश ने बताया,
"मियागंज का ये मामला मेरे संज्ञान में आया था कि 2 लाभार्थियों को टीकाकरण का मैसेज गया जबकि उनको टीका नहीं लगा था. मैं परसों खुद मियागंज गया था. छानबीन में पता चला कि शायद नंबर गलत फीड होने की वजह से उनके पास गलत मैसेज चला गया. दोनों लाभार्थियों को दूसरी डोज लगाई जाएगी.
उधर सफीपुर से भाजपा विधायक बंबा लाल दिवाकर का कहना है कि लोगों की शिकायत के बाद उन्होंने मामले का संज्ञान लिया और डीएम से बात की है.