चुनाव आयोग ने 25 मई को पिछले पांच फेज में हुए चुनाव का फाइनल डेटा जारी कर दिया है. पिछले पांच फेज में किस लोकसभा क्षेत्र में कितने फीसदी वोटिंग हुई है, आयोग ने इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी है. इलेक्शन कमीशन ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए कुछ गलत नैरेटिव फैलाए गए हैं.
चुनाव आयोग ने पांच चरणों में मतदान का पूरा डेटा जारी किया, SC में कल ही सुनवाई हुई थी
पिछले पांच फेज में किस लोकसभा क्षेत्र में कितने फीसदी वोटिंग हुई है. आयोग ने इसके डिटेल शेयर किए हैं.

चुनाव आयोग का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग के आंकड़ों से संबंधित याचिका आयोग का आदेश देने से मना कर दिया. सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई थी कि वोटिंग के 48 घंटे के भीतर चुनाव आयोग की वेबसाइट पर बूथ- वाइज वोटर लिस्ट और फॉर्म 17 सी (जिसमें प्रत्येक मतदान केंद्र पर डाले गए मतों की जानकारी होती है) की कॉपी जारी कर दी जाए. लेकिन कोर्ट ने ऐसा आदेश देने से मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि चुनाव के बीच ऐसा नहीं किया जा सकता.
चुनाव आयोग ने कहा कि वोटिंग के आंकड़े जारी करने की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और फैसले से आयोग को काफी मजबूती मिली है. और इससे उन पर चुनावी लोकतंत्र को बिना किसी रूकावट के पूरा करने की जवाबदेही बढ़ गई है. साथ ही चुनाव आयोग ने कहा,
वोटिंग के आंकड़ों को एकत्र करने और संग्रह करने की प्रक्रिया कठोर, पारदर्शी और सहभागितापूर्ण है.
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चुनाव आयोग ने वोटिंग के आंकड़ों को जारी करने में देरी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह हमेशा वोटर टर्नआउट ऐप पर 24X7 उपलब्ध रहता है. यहां शाम 5.30 बजे तक हरेक दो घंटे पर अनुमानित वोटिंग प्रतिशत प्रकाशित होता रहता है. और शाम 7 बजे के बाद जब वोटिंग टीम लौटना शुरू करती है, तो डेटा लगातार अपडेट किया जाता है. वोटिंग के दिन आधी रात तक, वोटर टर्नआउट ऐप सबसे नजदीकी अनुमानित वोट प्रतिशत(COP) जारी करता है.
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