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वरुण गांधी ने मुस्लिमों से जो कहा, क्या वो अपनी मां मेनका गांधी को चिढ़ाने के लिए था?

मां-बेटे की बातों पे गौर करने पर ऐसी इंट्रेस्टिंग चीज़ निकल कर आई है जो पहली नज़र में नहीं दिखती.

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बाएं में मेनका और वरुण एक साथ हैं, तब वरुण छोटे हुआ करते थे. दाएं में उस भाषण की तस्वीर है जिसकी बात हम स्टोरी में कर रहे हैं.
बस मैं एक चीज़ मुस्लिम भाई को बोलना चाहता हूं कि अगर आपने मुझे वोट दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा. अगर आपने मुझे वोट नहीं दिया तो कोई बात नहीं. तब भी मुझसे काम ले लेना कोई दिक्कत की बात नहीं.
- ये स्टेटमेंट है वरुण गांधी का. ये स्टेटमेंट है भारत के एक एमपी का, जो अबकी फिर से सांसद बनने की रेस में हैं. यूं इस स्टेटमेंट में कुछ भी गलत नहीं. न ही कुछ ऐसा जिसमें किसी को आपत्ति हो या किसी की नाक-भौं सिकुड़े. लेकिन सिर्फ तब तक, जब तक आप इस स्टेटमेंट को स्टैंड-अलोन देखते हों. यानी सिर्फ तब तक, जब तक इस स्टेटमेंट के अलावा आपको पिछली कोई बात पता न हो. या अगर पता तो सब कुछ जोड़कर न देख पा रहे हों. लेकिन बात इतनी ही नहीं है. चलिए अब इसमें एक इक्वेशन और जोड़ देते है. तो दोस्तों ये स्टेटमेंट वरुण गांधी ही नहीं बल्कि मेनका गांधी के पुत्र का भी है. मेनका गांधी, जिन्होंने भी कुछ दिन पहले मुस्लिम समुदाय से कुछ कहा था. मेनका गांधी ने क्या कहा था? उन्होंने मुस्लिमों को संबोधित करते हुए बोला था -
मैं जीत रही हूं लेकिन मुसलमानों के वोट के बिना जीतना मुझे अच्छा नहीं लगेगा. फिर कोई मुसलमान आए किसी काम से तो मेरा मन नहीं करेगा. हम गांधी की छठी औलाद नहीं हैं.
मेनका गांधी के इस धमकी भरे बयान के चलते इतना विवाद हुआ कि अंततः चुनाव आयोग ने उनपर 48 घंटे का बैन लगा दिया. तो अब आप जान गए होंगे कि वरुण ने किस चीज़ का संदर्भ लेकर अपना स्टेटमेंट, अपना बयान दिया. यूं हम आप-जानते हैं कि अगर मेनका ने मुस्लिमों से जो कहा वो नहीं कहतीं तो निश्चित ही वरुण ने भी जो कहा वो वरुण भी नहीं कहते. यानी कॉन्टेक्स्ट तो समझ में आ गया. लेकिन अब सवाल है उद्देश्य या मंशा की. यानी अब सवाल है ये कि वरुण ने ऐसा बयान क्यों दिया? क्या अपनी मां को चिढ़ाने के लिए? या उनकी मां की बात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए? या दरअसल मेनका के बयान को याद दिलवाने के लिए कर इस प्रोसेस के दौरान चुनावों के सेंसर बोर्ड यानी इलेक्शन कमीशन से सर्वथा बचे रहने के लिए. वो होता था फिल्मों में अंतरंग सीन को दिखाने के बजाय दो फूलों को दिखा दिया जाता था. वैसे ही वरुण ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने मां के बयान को लोगों के ज़हन में फिर से ताज़ा करवा दिया, और चुनाव आयोग से भी बच निकले. बहरहाल ये सब हमारे कयास भर हैं. अगर आपके मन में भी कोई ऐसी बात कोई ऐसा गेस हो तो कमेंट करते बताएं. हमारी चुनावी यात्रा देश के कोने कोने में चल रही है, आशा है उसे यू-ट्यूब, फेसबुक और हमारे ऐप में फॉलो कर रहे होंगे. वीडियो देखें -

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