Election Commission of India (ECI) इस महीने राज्य चुनाव आयुक्तों का एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है. इस कॉन्फ्रेंस का मकसद केंद्र और राज्यों की चुनावी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल और कानूनी ढांचे के भीतर चुनाव प्रक्रिया और व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाना है.
चुनाव आयोग 27 साल बाद महा-बैठक करने जा रहा? क्या होगा इसमें?
चुनाव आयोग का राष्ट्रीय सम्मेलन 27 साल से ज्यादा के अंतराल के बाद हो रहा है. पिछली बार निर्वाचन आयोग ने ऐसा सम्मेलन 1999 में बुलाया था. यह बैठक 24 फरवरी को होगी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्तों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के शामिल होने की संभावना है.


चुनाव आयोग का राष्ट्रीय सम्मेलन 27 साल से ज्यादा के अंतराल के बाद हो रहा है. पिछली बार निर्वाचन आयोग ने ऐसा सम्मेलन 1999 में बुलाया था. यह बैठक 24 फरवरी को होगी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्तों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) के शामिल होने की संभावना है.
सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे. उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे. राज्य चुनाव आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ चर्चा में भाग लेंगे और अपने सुझाव देंगे.
सम्मेलन में मतदाता पात्रता से जुड़े कानूनों, तकनीकी सुधारों, हाल ही में शुरू किए गए ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म, और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जैसे मसलों पर चर्चा होगी. ECI अपने अनुभव के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया में राज्यों को मार्गदर्शन भी देगा.
ये मीटिंग ऐसे समय में होने जा रही है जब देश के कई राज्यो में SIR प्रकिया चल रही है. आने वाले महीनों में जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें मतदाता सूची नए ढंग से तैयार की जा रही है. इसी प्रकिया को चैलेंज करने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निर्वाचन आयोग को सुप्रीम कोर्ट तक खींच लाई हैं. उन्होंने आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं. इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और पूरे ECI को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: SIR की डेडलाइन चुनाव आयोग क्यों बढ़ा रहा?


















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