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इराक के PM आवास पर ड्रोन से हमला, प्रधानमंत्री बाल-बाल बचे

अमेरिका ने इसे आतंकी कृत्य बताया.

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रविवार सुबह इराकी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल कदीमी के अवास पर ड्रोन हमला किया गया. (पीएम की फाइल फोटो साभार: रॉयटर्स)
इराक के प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी के घर ड्रोन से हमला किया गया. हमले में इराकी प्रधानमंत्री बाल-बाल बच गए. हालांकि उनके सुरक्षाकर्मियों को चोटें आई हैं. अमेरिका ने इराकी प्रधानमंत्री पर हुए हमले को आतंकी कृत्य बताया है. वहीं कदीमी ने हमले के बाद लोगों से शांत रहने को कहा है. हमले में घायल हुए सुरक्षाकर्मी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इराक की राजधानी बगदाद में किलेबंद ग्रीन ज़ोन बनाया गया है. इसी ग्रीन ज़ोन के अंदर कई देशों के दूतावास, सरकारी इमारतें और प्रधानमंत्री आवास है. रविवार, 7 नवंबर की सुबह प्रधानमंत्री मुस्तफा-अल-कदीमी के आवास पर विस्फोटकों से लैस एक ड्रोन से हमला किया गया. सेना से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मुस्तफा के घर को इस हमले में निशाना बनाया गया था, फिलहाल प्रधानमंत्री बिल्कुल ठीक हैं. वहीं सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास पर तैनात छह सुरक्षा कर्मी इस हमले में घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने कहा है कि इस हमले में उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वह ठीक हैं. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि वह ठीक हैं और अपने लोगों के बीच हैं. ईश्वर का शुक्र है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम अल-कदीमी को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. पीएम ने राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून को बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों का समर्थन किया. अमेरिका ने क्या कहा? अमेरिका ने इराकी पीएम मुस्तफा अल-कदीमी पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की है. विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा,
हमें यह जानकर राहत मिली है कि इराक के प्रधानमंत्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. हम इस आतंकी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. हम इराक की संप्रभुता और स्वतंत्रता को बनाए रखने में जुटे इराकी सुरक्षा बलों के साथ करीबी संपर्क में हैं और हमने हमले की जांच में सहायता की पेशकश की है.
रॉयटर्स के मुताबिक पिछले कुछ सालों में इराक की संसद में कथित तौर पर हथियारों से लैस कई गुटों का दबदबा बढ़ा है. इन गुटों को ईरान का समर्थन है. इन गुटों के समर्थक पिछले महीने 10 अक्टूबर को हुए आम चुनावों के नतीजे आने के बाद से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इनका कहना है कि चुनावों में धांधली हुई है. माना  जा रहा है कि इस हमले के पीछे भी कथित हथियारों से लैस ईरानी गुटों का ही हाथ है. पिछले शुक्रवार को ग्रीन ज़ोन के नजदीक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके. इसके जवाब मे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और फ़ाइरिंग की. इस दौरान एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई.

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