क्रिएटिविटी., कभी भी, किसी की भी जग सकती है. आदमी मुश्किलों में भी मुस्कुराने के मौके ईजाद कर लेता है. 8 नवंबर. नोटबंदी का ऐलान. इसको भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कहा गया. लेकिन इसने आम लोगों को काफी रुलाया भी. 50 दिन बीत चुके हैं. नया साल आ चुका है. उम्मीद की जा रही है कि नए साल में मुश्किलें गायब होंगी और लोगों के चेहरों पर मुस्कानें तैरेंगी. जलपाईगुड़ी. पूर्वोतर के राज्यों में जाने का इंट्री गेट. आरबीआई और एटीएम की शक्ल में 64 पाउंड वजनी एक केक बनाया गया है. लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. 31 दिसंबर. पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन था. इसी संबोधन के साथ पुराना साल बीत गया और नए साल ने अपने पांव इस दुनिया में रख दिए. पश्चिम बंगाल के जिले जलपाईगुड़ी में इस केक को नीलामी के लिए रखा गया है. नोटबंदी. साल 2016 का सबसे चर्चित विषय रहा.

‘सबको पैसों की दिक्कत है. हर कोई अपना कामधाम छोड़कर लाइन में खड़ा है. मैं भी लाइन में था. हर जगह ऐसी स्थिति देखकर मेरे दिमाग में ये आईडिया आया. केक जरिए मैं इस स्थिति को दिखाना चाहता था.’ सोमवार शाम 7 बजे तक जो भी इस केक के लिए सबसे अधिक बोली लगाएगा. केक पर उसका हक होगा.
‘जो लोग बोली लगाने आते हैं, हम उसका नाम और फ़ोन नंबर लिख लेते हैं. कल हम सबकी तुलना करेंगे. जिसकी बोली सबसे ज्यादा होगी. केक उसका होगा. हम 20,000 की उम्मीद लगा रहे हैं. मुझे नहीं पता कि कितना मिलेगा.’ बेकरी के मालिक अंजना साहा ने बताया.
अंजना आटे, अंडे, सूखे मेवों से केक तैयार करते हैं. कभी-कभी कोल्ड ड्रिंक्स भी उपयोग में लाए जाते हैं. केक का वजन 64 पाउंड है. केक में लोग एटीएम के बाहर लाइन लगाए खड़े दिखाए हैं. साथ में एक डस्टबिन भी है जिसमें 1000 के नोट फेंके जाता है. कौन इस केक का मालिक होता है, ये तो समय ही बताएगा. लेकिन मुस्कानों और पैसों की तंगी के दौर में इस तरह की क्रिएटिविटी मुश्किलों को ताक पर रख देने का मौक़ा देती है. इसका स्वागत किया जाए.
ये स्टोरी अभिषेक कुमार ने की है.