इस शादी के लिए वो ढाई लाख निकलवाना चाहते हैं. इसके लिए शादी का कार्ड भी छपा है. वर की जगह चारभुजानाथ और वधू की जगह तुलसी का नाम लिखा है. लेकिन बैंक की मांग है कि रकम वर या वधू के माता पिता को ही मिल सकती है. फंस गया है पेंच. सोसाइटी ये डिमांड कैसे पूरी करे?सोसाइटी के मेंबर भेरूलाल बताते हैं कि कलेक्टर तक से गुहार लगाई जा चुकी है. लेकिन अभी कोई समाधान निकला नहीं है. सालों से चली आ रही परंपरा किनारे न लग जाए. पूरे शहर को भोज कराया जाता है इस दिन. सजावट वगैरह सब होती है. हर काम चेक से थोड़ी हो सकता है. बैंक के ब्रांच मैनेजर कह रहे हैं कि ऊपर से आदेश साफ साफ आए तो हम कुछ करें.
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