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ईरान के मिसाइल हमले 90 परसेंट तक घट गए, लॉन्चर तबाह या फिर पीछे है बड़ी रणनीति?

ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च रेट अपने पहले दिन से लगभग 92% नीचे आया है. इसमें कहा गया है कि 28 फरवरी को उसने 480 मिसाइलें दागी थीं. 9 मार्च आते-आते इनकी संख्या घटकर 40 रह गई है.

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ईरान के मिसाइल हमलों में कमी आ रही है (PHOTO-EPR)

अमेरिका-ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग और भीषण होती जा रही है. दोनों पक्ष एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं. अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं. वहीं ईरान अपने मिसाइल्स और ड्रोन्स से अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले कर रहा है. इस बीच एक खबर आई है कि ईरान अब पहले से काफी कम मिसाइलें दाग रहा है. तो क्या वाकई में ईरान के लॉन्चर्स तबाह हो गए हैं? क्योंकि अमेरिका तो यही दावा कर रहा है. या ये ईरान की कोई स्ट्रैटेजी है.

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क्या कह रहे दोनों पक्ष?

US और इजरायल का कहना है कि इस गिरावट का कारण ईरानी मिसाइल लॉन्चर का तबाह होना है. उनका दावा है कि उन्होंने ईरान के कम से कम 75 प्रतिशत लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं. हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज किया है. ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) एयरोस्पेस फोर्स के हेड, ब्रिगेडियर जनरल सैय्यद मजीद मौसवी ने कहा कि स्ट्रैटेजी में बदलाव हुआ है, जिसके तहत अब IRGC भारी एक्सप्लोसिव पेलोड वाली मिसाइलों का इस्तेमाल करने लगेगा. यानी अब ईरान मिसाइलों में पहले से कहीं अधिक विस्फोटक भरकर हमले करेगा.

जेरुसलेम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च रेट अपने पहले दिन से लगभग 92% नीचे आया है. इसमें कहा गया है कि 28 फरवरी को उसने 480 मिसाइलें दागी थीं. 9 मार्च आते-आते इनकी संख्या घटकर 40 रह गई है. वहीं ब्लूमबर्ग ने बताया कि ईरान के 60% तक लॉन्चर्स नष्ट कर दिए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 300 लॉन्चर काम नहीं कर रहे थे.जमीर के भाषण के सिर्फ दो दिन बाद, द जेरूसलम पोस्ट ने IDF के सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि ईरान के 75% मिसाइल लॉन्चर काम नहीं कर रहे. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास युद्ध से पहले 400 से 550 लॉन्चर का स्टॉक था. IDF का दावा है कि उसने 300 से 415 लॉन्चर को या तो नष्ट करके या उनकी लॉन्च साइट को गिराकर न्यूट्रलाइज कर दिया है.

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ड्रोन हमले भी कम हुए

सिर्फ बैलिस्टिक मिसाइलें ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरानी ड्रोन हमलों में भी गिरावट देखने को मिली है. करीब 60 फीसदी तक कम हुए हैं. बैलिस्टिक मिसाइलों के दागे जाने की दर भी नौ दिनों में लगभग 100 रोज से घटकर 5 हो गई है.

हालांकि, मौजूदा युद्ध में यह गिरावट साफ तौर पर दिख रही है क्योंकि 28 फरवरी को, लड़ाई के पहले दिन, ईरान ने ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे. इजरायल और US का दावा है कि उन्होंने पिछले 10 दिनों में ईरान पर 3 हजार हमले किए हैं. उन्होंने कहा कि इसी वजह से बैलिस्टिक मिसाइलों के दागे जाने में गिरावट आई है. 

स्ट्रैटेजी या दावा?

ईरानी हमलों को लेकर दोनों पक्षो के अलग-अलग दावे हैं. इजरायल-अमेरिका का कहना है कि उनके हमले की वजह से ऐसा हुआ है. और ये संभव भी है क्योंकि वाकई में अमेरिका-इजरायल ने भयंकर हमले किए हैं. दूसरी ओर ईरान का दावा है कि ये उसकी नई स्ट्रैटेजी है. अब वो एक ही मिसाइल में 2 मिसाइल के बराबर वॉरहेड माने विस्फोटक लगा दे रहा है. इससे एक ही मिसाइल से इतना नुकसान हो रहा है, जितना शायद 2-4 मिसाइलें करती थीं.

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