जब जंग होती है, तो दुश्मन के सामने जोर चलाने के साथ-साथ नैरेटिव गढ़ने की कोशिश होती है. दुनिया को बताना पड़ता है कि युद्ध में दुश्मन को पछाड़कर हम बढ़त ले रहे हैं. इस खेल में सब महारात हासिल करना चाहते हैं. लेकिन अगर आपका नैरेटिव झूठ की बुनियाद पर खड़ा हो तो दुनिया के सामने फजीहत भी खूब होती है. अमेरिकी की हो गई है. वजह? ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच ऐसा झूठा दावा ठोका कि वाइट हाउस को खुद सफाई देनी पड़ी.
'यूएस की सिक्योरिटी में तेल टैंकर होर्मुज से निकाला,' अमेरिका का झूठ पकड़ा गया, घोर बेइज्जती हुई
US Israel Iran War: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट (Chris Wright) ने दावा किया था कि अमेरिकी नौसेना ने एक तेल टैंकर को Strait of Hormuz से निकालने में सुरक्षा दी. लेकिन यह दावा खुला झूठ निकला. खुद White House ने भी इस पर सफाई दी.


ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है. इस समुद्री रास्ते से दुनिया की करीब 20 फीसदी एनर्जी सप्लाई होती है, जिसमें तेल और गैस शामिल हैं. इस रूट पर ईरान का एकतरफा कंट्रोल है. वो किसी भी जहाज को यहां से गुजरने नहीं दे रहा. मगर मंगलवार, 10 मार्च को यूएस एनर्जी सेक्रेटरी यानी अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बड़ा दावा ठोकते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना ने एक तेल टैंकर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकालने में सुरक्षा दी.
क्रिस राइट ने यह दावा बकायदा एक वीडियो के साथ X पर पोस्ट किया. लेकिन यह कोरा झूठ था. क्रिस को पता लगा तो उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया. अब उनका डिलीट हुआ पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल है. पोस्ट में कथित तौर पर लिखा था,
"प्रेसिडेंट (डॉनल्ड) ट्रंप ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान ग्लोबल एनर्जी की स्टेबिलिटी बनाए रख रहे हैं. यूएस नेवी ने ग्लोबल मार्केट में तेल का फ्लो बना रहे, यह पक्का करने के लिए एक तेल टैंकर को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक निकाला."

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने भी क्रिस राइट के दावे का खंडन किया. वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने 10-11 मार्च की दरमियानी रात को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा,
“मुझे इस पोस्ट के बारे में पता चला. मुझे इस बारे में सीधे एनर्जी सेक्रेटरी से बात करने का मौका नहीं मिला. हालांकि, मुझे पता है कि पोस्ट को बहुत जल्दी हटा दिया गया था, और मैं कंफर्म कर सकती हूं कि यूएस नेवी ने इस समय किसी टैंकर या जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है, हालांकि, बेशक यह एक ऑप्शन है, जिसके बारे में राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर और जब सही समय पर जरूरत होगी तो वह इसका इस्तेमाल जरूर करेंगे.”
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने भी रॉयटर्स को बताया कि यूएस मिलिट्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी भी जहाज को सुरक्षा नहीं दी है. एक प्रवक्ता ने कहा कि क्रिस राइट के आधिकारिक पोस्ट से डिपार्टमेंट अधिकारियों द्वारा गलत कैप्शन लिखने का पता चला तो पोस्ट को डिलीट कर दिया गया.
ईरान ने भी क्रिस राइट के दावे को खारिज कर दिया. ईरान की सरकारी मीडिया से बात करते हुए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि अमेरिकी नौसना ने किसी भी तेल टैंकर को सुरक्षा देकर होर्मुज से नहीं निकाला है. अली मोहम्मद नैनी ने आगे कहा,
“यह दावा कि अमेरिकी आतंकवादी आर्मी द्वारा एस्कॉर्ट किया गया एक ऑयल टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरा, पूरी तरह झूठ है.”
ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर जंग और बढ़ती है तो वह इस स्ट्रेटेजिक समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट कर सकता है.
वीडियो: ईरान के खिलाफ जंग ख़त्म होने पर ट्रंप ने क्या बताया?






















