उमर ख़ालिद और ताहिर हुसैन ने मिलकर दिल्ली दंगों की साज़िश रची थी?
गवाहों के बयान पर कोर्ट ने क्या कहा?
Advertisement

ताहिर हुसैन और उमर ख़ालिद
दिल्ली दंगा. इसके एक मामले में दिल्ली के एक कोर्ट ने 5 जनवरी को सुनवाई करते हुए कहा है कि इस बात पर विश्वास करने के बहुत आधार मौजूद हैं कि AAP के पार्षद ताहिर हुसैन और उमर ख़ालिद ने षड्यंत्र रचा था. चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने कहा है कि कोर्ट के रिकार्ड में ऐसे बहुत सारे मटीरीयल रखे गए हैं, जिनके आधार पर उमर ख़ालिद पर पिछले साल फ़रवरी में खजुरी ख़ास में हुई हिंसा के केस में मुक़दमा चलाया जा सकता है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, कोर्ट ने कहा है कि गवाओं के बयानों से ये साफ़ होता है कि उमर ख़ालिद कथित तौर पर ताहिर हुसैन के सम्पर्क में था. ताहिर हुसैन पर दंगों का मुख्य साज़िशकर्ता होने का आरोप है. ताहिर हुसैन पर ये भी आरोप है कि उन्होंने दंगों की फ़ंडिंग की और साथ ही अपने घर से भीड़ को लूटपाट करने और सम्पत्तियों को जलाने के लिए भड़काया. अपनी चार्जशीट में भी दिल्ली पुलिस ने उमर ख़ालिद पर आपराधिक साज़िश के तहत दंगे भड़काने के आरोप लगाए हैं. कोर्ट ने कहा है कि लोगों के भड़काने के बाद भीड़ इकट्ठा हुई और उन्होंने लोगों के घरों और दुकानों में लूटपाट की, आग लगा दी. साथ ही उन्होंने पब्लिक प्रॉपर्टी को भी नुक़सान पहुंचाया. साथ ही गवाहों के बयानों का गौर करें तो दंगे भड़काने के लिए ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर लोगों को पैसे भी बांटे. कोर्ट ने उस बयान का भी ज़िक्र किया है. जिसमें कहा गया है कि 8 जनवरी, 2020 को गवाह ताहिर हुसैन को शाहीन बाग़ ले गया था. ताहिर हुसैन ऑफ़िस में घुसा और कुछ देर बाद उमर ख़ालिद और ख़ालिद सैफ़ी भी ऑफ़िस में घुसते हुए देखे गए थे. इन बातों का ज़िक्र करते हुए कोर्ट ने उमर ख़ालिद के खिलाफ़ केस को आगे बढ़ाने का ऑर्डर भी पास किया है. इसके पहले एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत की कोर्ट ने उमर ख़ालिद, शर्जील इमाम, देवांगना कलिता, नताशा नरवल और दूसरे आरोपियों की हिरासत 19 जनवरी तक बढ़ा दी. साथ ही आरोपियों को चार्जशीट की ई-कॉपी भी उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement


















