पूछताछ में अपूर्वा ने बताया कि हत्या वाली रात उसके और रोहित शेखर के बीच झगड़ा हुआ था. झगड़े की वजह रोहित की महिला दोस्त थी जिसके साथ रोहित उस रात शराब पी रहा था. महिला के साथ शराब पीता देख अपूर्वा को गुस्सा आ गया, फिर दोनों के बीच तीखी बहस हुई. बात हाथापाई तक पहुंच गई और इसी दौरान अपूर्वा ने रोहित को गला दबाकर मार दिया.
दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम की तरफ से जारी बयान में कहा गया:
अपूर्वा अपनी शादी से खुश नहीं थी, अपूर्वा ने उस वक्त उसका गला दबाया जब रोहित ने शराब पी रखी थी, उसने बिना किसी के मदद के रोहित की हत्या की. जल्द ही अपूर्वा को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा.
रोहित शेखर ने अपूर्वा से 2018 में शादी की थी.पुलिस को अपूर्वा के ऊपर शक पहले से था. पोस्टमार्ट्म रिपोर्ट आने के बाद से ही अपूर्वा पुलिस के रडार पर थी
. क्योंकि वो वकील थी इसीलिए बयान बहुत सावधानी के साथ दे रही थी. संभल-संभल कर बातें कर रही थी. लेकिन इसके बावजूद उसके बदलते बयान के आधार पर पुलिस ने उसके झूठ को पकड़ लिया.
पुलिस का शक उस वक्त और गहरा गया जब पुलिस को अपूर्वा का मोबाइल फॉर्मेट मिला. पुलिस ने मोबाइल फॉर्मेट होने के पीछे की वजह पूछी, जिसका जवाब अपूर्वा नहीं दे पाई. ऐन मौके पर घर के सीसीटीवी का खराब होना भी घर के ही किसी आदमी की एक्टिविटी पर पुलिस के शक को गहराता था.
पुलिस ने रोहित शेखर के परिवार के सदस्यों के अलावा उनकी बीवी अपूर्वा तिवारी के डीएनए सैंपल लिए थे. बालों और नाखूनों की फॉरेंसिक जांच की गई थी. इसके अलावा रोहित शेखर के कमरे की वो तस्वीर भी सामने आई थी जिसमें रोहित का शव मिला था
. रोहित शेखर के बेड पर खून से सनी चादर, कुशन कवर और टिशू पेपर मिले थे.

पुलिस को बेड से कई जगह पर खून के सैंपल मिले थे.
अपूर्वा ने इस बात की जानकारी दी की झगड़े के बाद दोनो में ही हाथापाई हुई, दोनों ने ही एक दूसरे को मारने की कोशिश की, लेकिन इस झगड़े में रोहित की मौत हो गई.
रोहित शेखर की मां को भी पहले से ही अपूर्वा पर शक था, उन्होंने पुलिस को भी इस बात की जानकारी दी थी कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे
. उन्होंने रोहित की परिवार पर भी प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश रचने का आरोप लगाया था.
रोहित शेखर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे थे. 53 साल कांग्रेस नेता रहे एनडी तिवारी ने साल 2017 में बीजेपी ज्वाइन की थी. रोहित शेखर ने पिता एनडी तिवारी से काफी लंबी कानूनी लड़ाई थी, जिसके बाद उन्हें एक बेटे का हक मिल पाया था. कई साल केस चलने के बाद एनडी ने रोहित को अपना बेटा माना था. जिसके बाद 2018 में एनडी तिवारी की मौत हो गई थी और फिर 15-16 अप्रैल की रात डेढ़ बजे के करीब रोहित शेखर की हत्या हो गई.












