दिल्ली की कोर्ट ने एक पुलिसवाले के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. आरोप है कि पुलिसकर्मी ने एक कुत्ते को लाठी से मारा था. दिल्ली के दो निवासियों ने इस मामले में पुलिसकर्मी पर केस दर्ज कराने की अर्जी दी थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने केस में जांच के लिए पुलिसकर्मी पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.
पुलिसवाले ने गली के कुत्ते पर लाठी चला दी, कोर्ट ऐसी सजा देगा, किसने सोचा था?
पुलिस ने कोर्ट में कहा था- "पहले कुत्ते ने काटा, फिर पुलिसकर्मी ने मारा."


पुलिस ने कोर्ट में स्टेट रिपोर्ट पेश की. इसमें बताया गया कि पहले कुत्ते ने पुलिसकर्मी को काटा. उसके बाद अपने बचाव में पुलिसकर्मी को कुत्ते को मारना पड़ा. रिपोर्ट में ये भी कहा कि पुलिस ने मामले की जांच की है. याचिकाकर्ता और आरोपी दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं. जांच में पाया गया है कि याचिकाकर्ता की शिकायत नाजायज है.
याचिका में क्या कहा गया?इस केस की सुनवाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रही है. याचिका दायर की है डॉ. अशर और निहारिका कश्यप ने. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि गली के एक कुत्ते को पुलिसकर्मी बेवजह बुरी तरह लाठी से पीटा. कुत्ते को इस उद्देश्य से पीटा गया कि वो अपंग हो जाए.
याचिकाकर्ता की तरफ से इस मामले में वीडियो पेश किया गया.
कोर्ट ने क्या कहा?कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में दर्ज कराए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मी कुत्ते पर लाठियां बरसा रहा है. जबकि पिटाई के दौरान या उससे पहले भी कुत्ता, आरोपी पर हमला करता नहीं दिख रहा है. वो जमीन पर पड़ा हुआ है. कोर्ट ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि केस कर्द कर जांच करे और सबूत इकट्ठा करे.
कोर्ट ने वीडियो देखने के बाद कहा कि
वीडियो की सत्यता को देखते हुए इस स्थापित करने के लिए पुलिस तथ्य जुटाए. मामला दर्ज हो, सबूत इकट्ठे हों. स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और जिन डॉक्टरों ने कुत्ते का इलाज किया उनके बयान लिए जाएं. और इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि चश्मदीदों को किसी तरह से प्रभावित ना किया जाए.
कोर्ट ने कहा कि पुलिस का काम मामले की जांच करना है, कानून का पालन कराना है ना कि अपने हिसाब से तथ्यों को पेश करने की कोशिश करें.






















