राजनीति का ऊंट कब किस करवट बैठेगा, कुछ भी कहा नहीं जा सकता. आम आदमी की राजनीति का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी में आज ऐसा ही देखने को मिला है.
तो इस तरह बहुत पहले ही तय हो गया था कि केजरीवाल सुशील गुप्ता को चुनेंगे!
सुशील गुप्ता और अरविंंद केजरीवाल के रिश्तों की कहानी

'आप' ने दिल्ली में खाली हो रहीं राज्यसभा की तीन सीटों के लिए अपने कैंडिडेट्स फाइनल कर दिए हैं. 'आप' ने संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता का नाम फाइनल किया है. 'आप' के इस सेलेक्शन में दोनों गुप्ता कैंडिडेट्स पर सोशल मीडिया और बाहर भी लोगों का गुस्सा दिख रहा है. अपना सेलेक्शन न होने पर कुमार विश्वास तो नाराजगी जाहिर कर ही चुके हैं और आशुतोष भी गुस्से में हैं.

अरविंद केजरीवाल और सुशील गुप्ता
पर सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या आम आदमी पार्टी को भी देश के पुराने राजनीतिक दलों की तरह भाई-भतीजावाद और पैसे के खेल की बीमारी लग गई है. कम से कम सोशल मीडिया पर तो ऐसे ही दावे किए जा रहे हैं.
दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने एक ट्वीट में दावा किया है कि सुशील गुप्ता, जो पहले कांग्रेस के सदस्य थे, उन्होंने महज़ 40 दिन पहले ही 28 नवंबर को उन्हें अपना इस्तीफा दिया है. और 40 दिनों के भीतर वो 'आप' के इतने करीब हो गए कि केजरीवाल ने उन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया. माकन के मुताबिक गुप्ता ने उनसे कहा था कि उन्हें राज्यसभा का वादा किया गया है और इसीलिए वो कांग्रेस छोड़ रहे हैं.
मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो आम आदमी पार्टी के विधायक शिवचरण गोयल ही वो व्यक्ति हैं, जो सुशील गुप्ता को आप में लाने में कामयाब हुए. बात 2 सितंबर की है, जब दिल्ली में महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के एक कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल और सुशील गुप्ता एक मंच पर पहली बार नजर आए. बस इसी मुलाकात ने गुप्ता की किस्मत बदल दी.
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने गुप्ता को एक ऑफर दिया है. केजरीवाल ने गुप्ता से कहा था, ' गुप्ता जी हमें आप जैसे लोगों की ज़रूरत है.' बस फिर क्या था. गुप्ता ने शर्त रख दी कि उन्हें वैश्य समाज की ओर से राज्यसभा कैंडिडेट बनाया जाए.
केजरीवाल ने धीरे से कहा कि विचार करेंगे. इसके बाद 28 नवंबर का दिन आता है, जब गुप्ता ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. बाद में 8 दिसंबर को एक बार फिर सुशील गुप्ता के बेटे की शादी में अरविंद केजरीवाल दिखे. इस बार केजरीवाल काफी देर तक गुप्ता परिवार के बराती की तरह पगड़ी बांधे बैठे रहे. अब बात करते हैं कि आप से राज्यसभा के दूसरे कैंडिडेट नारायण दास गुप्ता की. नारायण दास चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रह चुके हैं. सुशील गुप्ता की चेयरमैनशिप वाले महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल का ऑडिट इन्हीं की फर्म ने किया था.
देखिए माकन का ट्वीट:
माकन के अलावा पत्रकार अनंत विजय और दिल्ली में बीजेपी से सांसद प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर 100 करोड़ रुपए में राज्यसभा टिकट बेचने का आरोप लगाया है. केजरीवाल की तरफ से अभी इन आरोपों पर कोई सफाई नहीं दी गई है.

अजय माकन के साथ सुशील गुप्ता
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