दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार, 16 फरवरी को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया. उनके इस प्रस्ताव पर शनिवार, 17 फरवरी को सुबह 11 बजे चर्चा होगी. बता दें कि दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों में से 62 पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हैं. मतलब दिल्ली विधानसभा में AAP बहुमत में है. ऐसे में CM केजरीवाल विश्वास मत लेकर क्यों आए हैं, इसका जवाब उन्होंने खुद प्रस्ताव पेश करते हुए दिया.
70 में से 62 विधायक AAP के, फिर विश्वास मत क्यों? CM केजरीवाल ने खुद बता दिया
दिल्ली विधानसभा में 16 फरवरी को CM अरविंद केजरीवाल ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया. इस पर शनिवार, 17 फरवरी को चर्चा होगी.


प्रस्ताव पेश करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह लोगों को दिखाना चाहते हैं कि AAP का कोई भी विधायक टूटा नहीं है. दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र में भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा,
"इन्होंने जैसे अन्य प्रदेशों में हम देख रहे हैं कि एक के बाद एक पार्टियां तोड़ रहे हैं, सरकारें गिरा रहे हैं... केवल झूठे-झूठे केस करके. उनका मकसद दिल्ली में शराब घोटाले की आड़ में आम आदमी पार्टी के सभी नेताओं गिरफ्तार करना है. इन्होंने कई नेताओं को गिरफ्तार करके रखा है. इनका मकसद दिल्ली की सरकार गिराना है. इन्हें पता है कि दिल्ली में ये चुनाव जीत नहीं सकते. चुनाव नहीं जीत सकते तो किसी भी तरह से सरकार गिरा कर अपनी सरकार बनाना चाहते हैं, लेकिन उनका ये प्रयास सफल नहीं रहा."
CM केजरीवाल ने कहा कि AAP के सारे विधायक साथ हैं. जनता को ये दिखाने के लिए वो ये विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा,
"ये सदन मंत्री परिषद में विश्वास व्यक्त करता है."
प्रस्ताव लाने के बाद स्पीकर ने इस पर चर्चा शनिवार, 17 फरवरी के लिए स्थगित कर दी. अब 17 फरवरी को सुबह 11 बजे सदन बैठेगा और इस विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा होगी.
आजतक के पंकज जैन की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीसरी बार विश्वास प्रस्ताव पेश किया है. इससे पहले अगस्त 2022 और मार्च 2023 में भी आम आदमी पार्टी सरकार विश्वास मत प्रस्ताव ला चुकी है.
ये भी पढ़ें- ममता की राह पर केजरीवाल, क्या दिल्ली में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं देंगे?












