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अमेरिका रोकता रह गया! खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचा 70 देशों का डेलीगेशन

Iran के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei को 9 जुलाई 2026 को मशहद में दफनाया जाएगा. इससे पहले उन्हें करीब 70 भी ज्यादा देशों के डेलिगेशन श्रद्धांजलि दे चुके हैं. ईरान के अलावा दुनियाभर से लोग अली खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.

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ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में करीब 70 देशों का डेलिगेशन शामिल हुआ. (फोटो- सोशल मीडिया)

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  • अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में 70 से ज्यादा देशों के डेलीगेशन ने हिस्सा लिया, जो छह दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम का हिस्सा है।
  • अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने सहयोगी देशों को खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के लिए सीक्रेट नोटिस भेजा था, जिससे कई देशों पर दबाव पड़ा।
  • ईरान ने बताया कि अंतिम संस्कार में भाग लेने वाले देशों की संख्या बढ़ने की संभावना है, और इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले देशों के बीच राजनीतिक प्रभाव पर ध्यान दिया जा रहा है।

अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में 70 से ज्यादा देशों का डेलीगेशन शामिल हुआ है. ईरान के दावे के मुताबिक, ये सब तब हुआ, जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपने सहयोगी देशों को सीक्रेट नोटिस भेजकर खामेनेई की अंत्येष्टि में शामिल न होने की बात कही थी. बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार 6 दिनों तक चलेगा. इसमें एशिया, अफ्रीका, यूरोप समेत दुनिया भर के तमाम नेता शामिल हो रहे हैं. खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत का भी एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा. 

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि 6 दिनों तक चलने वाले इस प्रोग्राम के दूसरे दिन तक करीब 70 देशों से भी ज्यादा देशों का डेलिगेशन शामिल हो चुका है. अब्बास अराघची ने रविवार, 5 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करके अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सभी देशों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा,

ईरान को इस बात की खुशी है कि हमारे सर्वोच्च नेता शहीद ग्रैंड अयातुल्ला खामेनेई के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में 70 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें हमारे वफादार अरब भाई भी शामिल थे. यह ऐतिहासिक आयोजन हमारे आपसी संबंधों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा.

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अब्बास अराघची का पोस्ट.

Press TV के मुताबिक, विदेश मंत्री का यह बयान तब आया, जब ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में हफ्तेभर चलने वाले प्रोग्राम का दूसरा दिन पूरा हुआ. खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में एशिया, अफ्रीका, यूरोप और कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, संसद अध्यक्ष, विदेश मंत्री और विशेष दूत शामिल हुए. रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव, तुर्किए के उपराष्ट्रपति सेवटडेट यिलमाज, इराक के राष्ट्रपति निजार अमीदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन और चीन से एक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए.

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इसके अलावा भारत से भी एक डेलिगेशन सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि देने पहुंचा. इसके अलावा खाड़ी देशों में सऊदी अरब, कतर, ओमान, मिस्र, भारत, अफगानिस्तान, लेबनान, यमन और फिलिस्तीन सहित अन्य देशों के लोग शामिल हुए. ईरान के अलावा दुनिया भर से तमाम लोग सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं.

इन सबके बीच ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका ने दुनिया के कई देशों के नेताओं को खामेनेई की अंत्येष्टि में शामिल होने से रोकने की कोशिश की थी. Press TV ने ईरान के सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने 26 जून 2026 को एक सीक्रेट नोटिस जारी किया था. इसमें उन्होंने सभी अमेरिकी दूतावासों को कहा था कि वो अपने मेजबान देशों पर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भाग न लेने को लेकर दबाव डालें.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने को अमेरिका के साथ ‘दोस्ताना कदम’ नहीं माना जाएगा. इसका नकारात्मक असर द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकता है. हालांकि, ईरान के इस दावे पर अमेरिका या उसके सेक्रेटरी ऑफ स्टेट की ओर से कोई रिएक्शन नहीं आया है. हालांकि, ईरान की उम्मीद है कि अभी करीब 100 देशों से और लोग तेहरान पहुंच सकते हैं.

6 दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार

बता दें कि खामेनेई के ‘कफन-दफन’ करने की प्रक्रिया 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक होगी. उन्हें मशहद में इमाम रजा के दरगाह के पास ‘सुपुर्द-ए-खाक’ किया जाएगा. इससे पहले जुलूस निकाला जाएगा, जो ईरान के कई शहरों से होते हुए ईराक के कुछ शहरों से होने के बाद अंतिम संस्कार के स्थान पर पहुंचेगा. 

वीडियो: खामेनेई की अंतिम विदाई में US विरोधी नारे क्यों लगाए गए?

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