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खामेनेई के जनाज़े में ईरानी नेताओं को एक झटके में खत्म करने की धमकी दी, फिर क्यों डर गए ट्रंप?

Trump on Ali Khamenei funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई के जनाज़े के चलते ईरान-अमेरिका बातचीत पर एक हफ्ते का ब्रेक लगा है. लेकिन इसी बीच जनाज़े में जुटे ईरानी नेताओं को ट्रंप ने धमकी दे दी है. उन्होंने कहा कि अगर वो चाहें तो एक झटके में सब ख़त्म कर दें.

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अली ख़ामेनेई के जनाज़े में जुटे ईरानी नेताओं के खिलाफ डॉनल्ड ट्रंप (बाएं) की धमकी. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • ईरान में लगभग एक सप्ताह तक सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंत्येष्टि और उनके जनाज़े का आयोजन कई शहरों में किया गया, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए।
  • अली ख़ामेनेई की मौत के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के वरिष्ठ नेताओं को खुलेआम धमकी दी, जिससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव बढ़ गया।
  • ईरान और अमेरिका के बीच आतंकवाद और नाभिकीय मुद्दों पर बातचीत फिलहाल स्थगित हो गई है और ईरान ने संभावित हमलों के खिलाफ कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

ईरान में कई आंखें नम हैं. लाखों की तादाद में लोग जमा हैं. उन्हें अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई को अंतिम विदाई देनी है. तेहरान की ‘ग्रैंड मुसल्ला’ मस्जिद में उनका ताबूत रखा है. सामने जमा लोग शोक मनाने रहे हैं. छाती पीट रहे हैं. मगर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को इतने संवेदनशील और ईरान के लिए गमगीन मौके पर भी जंग का मैदान दिख रहा है. शोक में जुटे लोगों को उन्होंने धमकी दे दी है. धमकी ये कि ‘अमेरिका चाहे तो ख़ामेनेई के जनाज़े में पहुंचे ईरान के सभी बड़े नेताओं को एक ही झटके में ख़त्म कर सकता है.’

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अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉनल्ड ट्रंप ने बताया कि वो अली ख़ामेनेई के जनाज़े को करीब से फॉलो कर रहे हैं. 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमले में सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी. उनके जनाज़े में ईरान के बड़े नेता पहुंचे हैं. ट्रंप ने उन्हीं पर अपना निशाना साधा है. 

क्या बोले डॉनल्ड ट्रंप?

अली ख़ामेनेई की अंतिम विदाई पर प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने निर्मम बयान दिया है. उन्होंने एक्सिओस से कहा, 

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‘वे (ईरान के सभी बड़े नेता) सभी वहां मौजूद हैं. बस एक हमला और सब कुछ ख़त्म. लेकिन हम ऐसा करेंगे नहीं क्योंकि फिर डील भी तो करनी है.’

अमेरिका और ईरान के बीच मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग साइन हो चुका है. लेकिन कई पॉइंटर्स अब भी ठीक से अप्लाई नहीं हुए हैं. और न्यूक्लियर मुद्दा भी मझधार में है. इन्ही सब मुद्दों पर बात करने के लिए दोनों देशों ने एक दूसरे को 60 दिन की मोहलत दी है. लेकिन फिलहाल ये बातचीत अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की वजह से ब्रेक पर है. 

इसी बीच डॉनल्ड ट्रंप के बोल फूटे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान डील करने के लिए बेकरार है. इससे पहले ट्रंप ने ये भी कहा था कि वो इतने अच्छे हैं कि उन्होंने ईरानियों को जनाज़ा निकालने की इजाजत दे दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई को अंतिम विदाई देते लोगों के आंसुओं को भी नहीं बख्शा. ट्रंप ने कहा कि ‘कुछ लोग जनाज़े में मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं.’

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ये भी पढ़ें: ख़ामेनेई को अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा ईरान, 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'Kill Trump' के नारे भी लगे

ईरान का जवाब   

डॉनल्ड ट्रंप के असंवेदनशील बयान पर आर्मेनिया में ईरानी एंबेसी ने जवाब दिया. एक X पोस्ट में लिखा कि ‘आप ये सब नहीं समझ सकते क्योंकि न तो आपकी कोई सभ्यता है, न इतिहास है और न कोई आपकी इज़्ज़त करता है.’

अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की आखिरी विदाई से पहले ही ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेताया था कि तेहरान पर कोई हमला नहीं होना चाहिए. ईरानी मीडिया के मुताबिक, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने कहा था कि अगर हमला हुआ तो ईरान भी करारा जवाब देगा. 3 जुलाई से 9 जुलाई तक अली ख़ामेनेई का जनाज़ा ईरान और इराक के कई शहरों में ले जाया जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई को ईरान के मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा.

वीडियो: 16 दिन बाद बीत गए, अली ख़ामेनेई को अब तक दफनाया क्यों नहीं गया?

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