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आग में झुलस कर महिला की मौत, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गई, ऐसे कैसे?

12 फरवरी को महिला ने आंखें नहीं खोलीं. वो सांस भी नहीं ले रही थी. परिवार ने मान लिया कि वो मर गई. इसके बाद महिला को श्मशान घाट ले जाया गया. अंतिम संस्कार के लिए चिता की तैयारी चल रही थी. लेकिन इतने में महिला उठ गई.

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अंतिम संस्कार के लिए चिता की तैयारी चल रही थी. लेकिन इतने में महिला उठ गई. (सांकेतिक फ़ोटो- आजतक और Unsplash.com)

ओडिशा के गंजाम जिले में कथित तौर पर एक मृत महिला अचानक जिंदा होकर उठ खड़ी हुई. अजीब लेकिन बेहद दिलचस्प लगने वाली ये घटना हुई जिले के बेहरामपुर में. सारा कांड हुआ महिला के परिवार की गलतफहमी की वजह से. महिला असल में मरी ही नहीं थी, लेकिन परिवार ने उसे मरा समझकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी. चिता को अग्नि देने वाले थे कि ऐन पहले महिला 'जिंदा' हो गई.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ महिला का नाम बुज्जी अम्मा है. वो 52 साल की हैं. उनके पति का नाम सिबाराम पालो है. दोनों के कोई संतान नहीं है. 1 फरवरी को हुई दुर्घटना (घर में आग लगने की वजह से महिला का शरीर 50% जल चुका था) के बाद अम्मा का MKCG मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. वो वहां संघर्ष कर रही थीं. हॉस्पिटल ने अम्मा के परिवार को कहा कि उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट करवाने की जरूरत है. लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वो लोग उन्हें वापस घर लेकर आ गए.

खबर के मुताबिक 12 फरवरी को महिला ने आंखें नहीं खोलीं. वो सांस भी नहीं ले रही थी. परिवार ने मान लिया कि वो मर गई. इसके बाद महिला को श्मशान घाट ले जाया गया. अंतिम संस्कार के लिए चिता की तैयारी चल रही थी. लेकिन इतने में महिला उठ गई.

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TOI से बात करते हुए सिबाराम ने बताया,

"हमने सोचा कि वह मर गई है और शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए शव वाहन की व्यवस्था करने के लिए इलाके के अन्य लोगों को सूचित किया."

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स्थानीय पार्षद पार्वती प्रधान के पति सिबा प्रधान ने TOI को कहा,

"हमने बरहामपुर नगर निगम के शव वाहन की व्यवस्था की और स्थानीय लोगों की मदद से, उनका परिवार उन्हें बीजीपुर में पास के श्मशान घाट ले गया."

शव वाहन में बुज्जी के साथ आए स्थानीय निवासी के चिरंजीबी नाम का व्यक्ति भी गया था. उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार की चिता तैयार करने का काम लगभग पूरा कर लिया गया था. तभी, बुज्जी ने अपनी आंखें खोलीं और जवाब दिया, जिससे सब लोग चौंक गए. शुरुआत में सभी लोग डर गए थे. क्योंकि किसी ने पहले ऐसा कुछ देखा नहीं था, सिर्फ कहानियां सुनी थीं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ सिबाराम को दाह संस्कार के लिए पैसे भी स्थानिय लोगों ने दिए थे. इस घटना के बाद महिला को वापस शव वाहन में ही घर लाया गया.

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