केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने एक रिपोर्ट जारी की है. इसमें साल 2022 के दौरान सरकारी विभागों के खिलाफ आईं भ्रष्टाचार की शिकायतों का लेखा-जोखा है. इस सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें केंद्रीय गृह मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ आईं. ऐसी शिकायतों के मामले में दूसरे नंबर पर रेलवे और तीसरे नंबर पर बैंकों में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी हैं.
केंद्र के लाखों अफसरों के खिलाफ शिकायतें मिलीं, भ्रष्टाचार की कंपलेन में गृह मंत्रालय नंबर वन
CVC की 2022 की ये रिपोर्ट गृह मंत्रालय, रेलवे और बैंकों की नींद उड़ा देगी!


न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2022 में केंद्र सरकार के सभी विभागों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल मिलाकर 1,15,203 शिकायतें आईं. इनमें से 85,437 का निपटारा कर दिया गया और 29,766 अभी पेंडिंग हैं. इनमें से गृह मंत्रालय को अपने कर्मचारियों के खिलाफ कुल 46,643 शिकायतें, रेलवे को 10,580 और बैंकों को 8,129 शिकायतें मिलीं.
कितनी शिकायतों पर फैसला हो गया?CVC की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ कुल शिकायतों में से 23,919 का निपटारा कर दिया गया. 22,724 अभी लंबित हैं. भारतीय रेलवे ने 9,663 शिकायतों का निपटारा कर दिया है, जबकि 917 अभी लंबित हैं. बैंकों की बात करें तो विभाग ने भ्रष्टाचार की 7,762 शिकायतों का निपटारा कर दिया है और 367 शिकायतें पेंडिंग हैं.
PTI के मुताबिक CVC की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2022 में 4,304 शिकायतें कोयला मंत्रालय, 4,236 शिकायतें श्रम मंत्रालय और 2,617 शिकायतें पेट्रोलियम मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ मिलीं. रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के कर्मचारियों के खिलाफ 2,150, रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ 1,619, दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ 1,308, वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ 1,202 और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के कर्मचारियों के खिलाफ 1,101 शिकायतें मिलीं.
इसके अलावा CVC की ओर से बताया गया है कि साल 2022 में 970 शिकायतें कार्मिक, सार्वजनिक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ मिलीं. 923 कंपलेन इस्पात मंत्रालय और 987 शिकायतें बीमा कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी आईं.
CVC की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ 7,370 शिकायतें मिलीं. इनमें से 6,804 का निपटारा कर दिया गया और 566 लंबित हैं.
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