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आर्यन ड्रग्स केस : पूछताछ में प्रभाकर सैल ने बताया, 'पैसे की उगाही में समीर वानखेड़े भी शामिल'

क्या आर्यन ख़ान को साज़िश के तहत उठाया गया था?

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प्रभाकर सैल (बाएं) ने दावा किया है कि समीर वानखेड़े (दाएं) भी उगाही के रैकेट में शामिल थे . (तस्वीर- इंडिया टुडे/आजतक)
आर्यन खान ड्रग्स केस में NCB की विजिलेंस टीम ने स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल से पूछताछ की है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ के दौरान प्रभाकर सैल ने आरोप लगाए हैं कि NCB अधिकारी समीर वानखेड़े भी पैसों की उगाही में शामिल थे. प्रभाकर के वकील ने क्या कहा? 7 नवंबर को NCB की विजिलेंस टीम ने प्रभाकर सैल को पूछताछ के लिए समन भेजा था. सोमवार को बांद्रा स्थित CRPF के गेस्ट हाउस में NCB के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने प्रभाकर सैल से पूछताछ की. पूछताछ के बाद प्रभाकर के वकील तुषार खंडारे ने मीडिया से बातचीत में कहा,
"हमने विजिलेंस टीम को NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े का नाम बताया है. वानखेड़े ही नहीं, कई और लोग भी इस धन उगाही के खेल शामिल हैं. हो सकता है कि इसमें NCB से ही और लोग शामिल हों.'
इस दौरान तुषार खंडारे ने ये भी बताया,
"NCB की विजिलेंस टीम ने प्रभाकर सैल का बयान दर्ज कर लिया है और एजेंसी की एसआईटी, यानी NCB की ऑपरेशनल टीम भी उससे पूछताछ करना चाहती है. अगर SIT टीम प्रभाकर सेल से पूछताछ करना चाहती है तो उसे पहले नोटिस जारी करना होगा."
आर्यन खान को पकड़ना एक सोची-समझी साजिश थी? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक NCB की पूछताछ के दौरान प्रभाकर सैल ने आर्यन खान गिरफ्तारी मामले को एक सोची-समझी साजिश करार दिया. प्रभाकर सैल ने पूछताछ के बाद कहा,
"हमने NCB को उन सभी लोगों के नाम दिए हैं, जिन्होंने जबरन उगाही की और जिनसे उगाही की गयी. हम सरकार से इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने की मांग करते हैं. यह जबरन वसूली करने के लिए फेंका गया एक जाल था, जिसमें समीर वानखेड़े सहित NCB के कुछ अधिकारी शामिल थे. 25 करोड़ रुपए मांगे गए और 18 करोड़ रुपये में डील फाइनल हुई.'
कौन है प्रभाकर सैल? आर्यन खान ड्रग्स केस में किरण गोसावी NCB का गवाह है. प्रभाकर सैल गोसावी का बॉडीगार्ड है. बीते महीने सैल ने दावा किया था कि NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने 25 करोड़ में आर्यन खान को छोड़ने की डील की है. समीर वानखेड़े ने ख़ुद पर लगे इन आरोपों का खंडन भी किया था. इन आरोपों के बाद ही NCB समीर वानखेड़े को मामले की जांच से हटा दिया गया था और उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था. इसके बाद एजेंसी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह आए. समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों की जांच करने.

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