अपने इस्तीफे पर राहुल गांधी ने कुछ भी सुनने से मना कर दिया है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए देश भर के दौरे कर रहे हैं. 5 अप्रैल को पुणे में उन्होंने कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ बातचीत की. यह कार्यक्रम लगभग एक घंटे से ज्यादा चला. सब कुछ सही चल रहा था इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ कि राहुल गांधी को थोड़ा असहज होना पड़ा और बीजेपी को मौका मिल गया.
हुआ क्या.
पुणे में राहुल गांधी स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब दे रहे थे. इसी दौरान एंकरिंग कर रही आरजे मलिष्का ने रक्षाबंधन को लेकर राहुल से सवाल पूछा कि क्या वह राखी बंधवाते हैं? राहुल गांधी ने कहा कि उनकी बहन प्रियंका हर साल उन्हें राखी बांधती हैं. और वे रक्षाबंधन के इस धागे को तब तक नहीं उतारते तब तक वह टूट नहीं जाता. प्रेम का जिक्र आने पर राहुल गांधी ने कहा कि I love Mr. Modi. राहुल के इतना कहते ही हॉल में लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. राहुल बोलते रहे. उन्होंने कहा कि मेरे मन में किसी के लिए घृणा नहीं है. इस दौरान मोदी,मोदी, के नारे लगते रहे. राहुल ने कहा इट्स फाइन, इट्स फाइन (ठीक है, ठीक है). राहुल ने फिर से अपनी बात दोहराई और कहा मेरे मन में किसी के लिए नफरत नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि लेकिन पीएम मोदी ऐसा नहीं सोचते. इसके बाद राहुल अगले सवाल की तरफ बढ़ गए. इसके बाद सामान्य तरीके से 10 से 12 मिनट तक यह कार्यक्रम चलता रहा.
बीजेपी को मिल गया मौका
राहुल गांधी के सामने मोदी, मोदी के नारे लगे और बीजेपी कुछ न बोले ये कैसे हो सकता है. बीजेपी तो ऐसे ही मौकों की तलाश में रहती है. बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने इस कार्यक्रम के 7 सेकेंड का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा,
राहुल गांधी की पुणे में कॉलेज स्टूडेंट्स से बातचीत के दौरान लगे मोदी, मोदी के नारे. हार मान लो राहुल बाबा.
अमित मालवीय के इस ट्वीट की कई लोगों ने आलोचना की और कहा कि राहुल गांधी ने बहुत ही बखूबी के साथ उस वाकये के संभाला. एक यूजर ने लिखा कम से कम राहुल गांधी लोगों के सवालों का सामना तो कर रहे हैं. वहीं कुछ लोगों ने राहुल गांधी की तारीफ की.

एक यूजर ने लिखा कि इतनी नजर तो आप मोदी जी की सभा पर नहीं रखते जितना राहुल जी की सभा पर रखते हैं. कभी अपने नेता को कहिये जनता के सीधे सालों के जवाब दें,छात्रों के सवालों का जवाब दें, वो भी ऐसे प्रश्न जो पहले से न दिए गए हों. वहीं कुछ ने राहुल गांधी को दर्शकों को चुनते समय सावधानी बरतने को कहा, जबकि कुछ लोग मालवीय की बातों से सहमत नजर आए.
टाटा स्काई ने बताया कि NaMo TV को लाइसेंस की जरूरत क्यों नहीं पड़ी