जेल में ऐशो-आराम के साधन मुहैया कराने से लेकर अंदर से ही रंगदारी मांगने तक भारतीय जेलों में सब चलता है. समर्थों के लिए इन जेल के नियमों का कोई मतलब नहीं होता. तमाम क़ानून सिर्फ उनके लिए हैं जिनकी कहीं कोई पहुंच नहीं. इसका पर्दाफ़ाश बहुत बार हो चुका है. ताज़ा मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिसमे बिहार के बाहुबली नेता मुहम्मद शाहबुद्दीन की जेल से सेल्फी रिलीज़ हुई है.राष्ट्रीय जनता दल के नेता शाहबुद्दीन ने नया रायता फैला दिया है. सिवान से सांसद महोदय की कुछ महीनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत खारिज़ कर दी थी. वो तब से सिवान जेल में हैं. अब जेल के अंदर रहते हुए उनकी सेल्फी आई है. जिससे बवाल छिड़ गया है. ये तस्वीरें तेज़ी से वायरल हो रही है.
सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के आने के बाद सिवान जिला प्रशासन के होश उड़ गए हैं. लीपापोती की कोशिश में उन्होंने सिवान जेल पर छापामारी की. मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के इनचार्ज विनय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें जेल के अंदर से तीन मोबाइल फोन्स और चार सिम कार्ड मिले हैं. साथ ही दो बैटरीज भी बरामद हुई हैं. हालांकि इस बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार किया कि क्या आरजेडी नेता की कोठरी से कुछ मिला!जेल प्रशासन भी अपनी गरदन बचाने के फेर में है. उनका कहना है कि ये सेल्फी शाहबुद्दीन द्वारा नहीं ली गई हैं. किसी वेलविशर ने चुपके से तब खींच ली होगी जब वो उनसे जेल में मिलने आया होगा. फिर बाहर जाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी होगी.
इन तस्वीरों में बाहुबली सांसद एकदम नए लुक में नज़र आ रहे हैं. सर के बाल मुंडाए और मूंछों को तराशे हुए.

शाहबुद्दीन का पुराना लुक
सवाल ये उठता है कि जब जेलों में मोबाइल फोन पर कड़ी पाबंदी है तो ये फोटो किस तरह खींची गई? हालांकि समर्थ लोगों का ज़हूरा क्या नहीं करवा सकता इससे आम भारतीय कतई अंजान नहीं. तमाम प्रतिबंधित चीज़ें रसूखदारों को जेल में आसानी से मयस्सर हो जाती हैं. बढ़िया खाना, टेलीविजन, फ्रिज जैसी सुविधाएं. सबकुछ.अजी ये लोग जेल में बैठे-बैठे सरकार चला लेते हैं, एक अदना सी सेल्फी कौन सी बड़ी चीज़ है!














