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कांग्रेस के लोगों ने ही अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तस्वीर पर कालिख पोती, ऐसा क्या हो गया?

कोलकाता में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पोस्टर पर कालिख पोतकर उनके लिए आपत्तिजनक बातें लिखी गईं. कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल पार्टी प्रभारी से इस पर रिपोर्ट मांगी है.

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कोलकाता में कांग्रेस अध्यक्ष के पोस्टर के साथ छेड़छाड़ (फोटो: इंडिया टुडे)

कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तस्वीर पर कालिख पोते जाने की घटना का संज्ञान लिया है. इसे पार्टी विरोधी गंभीर गतिविधि बताते हुए पश्चिम बंगाल पार्टी प्रभारी गुलाम अहमद मीर से रिपोर्ट देने को कहा गया है. इंडिया टुडे के सूर्याग्नि रॉय की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि पार्टी ऐसी अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी.

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केसी वेणुगोपाल ने 20 मई को इस मामले पर बयान दिया,

"कुछ शरारती तत्वों द्वारा पश्चिम बंगाल कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगे होर्डिंग को नुकसान पहुंचाया गया. इससे लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं. हम ऐसी गंभीर पार्टी विरोधी गतिविधियों को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अवज्ञा और अनुशासनहीनता के ऐसे सार्वजनिक प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं करेगी. पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव को तुरंत इस घोर अनुशासनहीनता पर एक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया जाता है."

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खरगे की तस्वीर पर कालिख क्यों पोती गई?

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार, 19 मई को कोलकाता में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे होर्डिंग्स पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तस्वीर पर कालिख पोती गई. इतना ही नहीं, उनकी तस्वीर के आगे आपत्तिजनक शब्द लिखे गए. एक तरह से उन्हें ‘TMC का एजेंट’ बताया गया. ये काम किसने किया? इसके बारे में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन ये सब पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी पर खरगे की एक सख्त टिप्पणी के बाद हुआ.

दरअसल, हाल ही में अधीर रंजन चौधरी ने कहा था कि TMC मुखिया और पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, वो BJP के साथ जा सकती हैं. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने 18 मई को मुंबई की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधीर रंजन चौधरी की आलोचना को खारिज कर दिया था. खरगे ने ममता बनर्जी को INDIA गुट का हिस्सा बताते हुए कहा था कि विपक्षी गठबंधन के सत्ता में आने पर वो सरकार में शामिल होंगी. 

ये भी पढ़ें- ममता ने कांग्रेस में 'लड़ाई लगवाई', अधीर पर भड़के खरगे ने कहा- 'बात नहीं सुननी तो बाहर हो...'

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खरगे ने कहा था,

"ममता जी ने पहले ये कहा था कि वो बाहर से सपोर्ट करेंगी. हाल ही में उनका नया बयान आया है कि अगर सरकार बनती है, तो वो सरकार में शामिल हो जाएंगी. वो गठबंधन के साथ हैं. ये स्पष्ट है. अधीर रंजन चौधरी निर्णय लेने वाले नहीं है. निर्णय लेने वाले हम हैं. कांग्रेस पार्टी है. आलाकमान है. हम जो निर्णय लेंगे, वही होगा. हम जो तय करेंगे, वो फॉलो होगा. जो फॉलो नहीं करता है, वो बाहर जाएगा."

हालांकि, अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना जारी रखी. खरगे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 

“मैं किसी ऐसे व्यक्ति के पक्ष में नहीं बोल सकता जो मुझे और हमारी पार्टी को बंगाल में राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहता है. अगर खरगे जी मेरे विचारों के खिलाफ बोलते हैं, तो मैं राज्य में जमीनी स्तर पर कांग्रेसियों के लिए बोलना जारी रखूंगा. मैं नहीं चाहता कि राज्य कांग्रेस का इस्तेमाल उनके (बनर्जी के) निजी एजेंडे के लिए किया जाए.”

तो क्या खरगे और अधीर रंजन के बीच ठन गई है?

19 मई को, जब खरगे के पोस्टरों के साथ छेड़छाड़ की गई, तब अधीर रंजन चौधरी ने इसकी निंदा की. पार्टी के सूत्रों ने कहा कि वो इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सोच रहे हैं. वहीं 20 मई को खरगे ने अधीर रंजन की तारीफ की और उन्हें सबसे पुरानी पार्टी का 'लड़ाकू सिपाही' कहा.

उन्होंने न्यूज एजेंसी PTI से कहा,

“वो (अधीर रंजन चौधरी) कांग्रेस पार्टी के एक जुझारू सिपाही हैं और पश्चिम बंगाल में हमारे नेता हैं.”

बता दें कि पश्चिम बंगाल में INDIA गठबंधन के तहत TMC और कांग्रेस पश्चिम बंगाल में साथ नहीं हैं. ममता बनर्जी ने जनवरी में ही घोषणा कर दी थी कि पश्चिम बंगाल में TMC अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी. राज्य में कांग्रेस वाम दलों के साथ चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी लगातार TMC और ममता बनर्जी पर हमलावर रहे हैं. वहीं TMC राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन न होने के लिए अधीर रंजन चौधरी को जिम्मेदार बताती है.

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