कौन हैं वैज्ञानिक? जांग वेन्होंग. शंघाई के हुआशन हॉस्पिटल के संक्रामक रोग विभाग के निदेशक हैं. कोरोना की रोकथाम को लेकर चीन की रणनीति पर प्रमुखता से काम किया है. वे 22 अप्रैल को भारत में मौजूद चीन के दूतावास के ज़रिए चीनी नागरिकों से बात कर रहे थे. इंडिया के हालातों और कोरोना से निपटने के रणनीति पर सवाल पूछे गए. इस सब पर डॉ. जांग ने अपने जवाब दिए.
डॉ. जांग (तस्वीर: साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट)उन्होंने कहा कि भारत में अब सामुदायिक स्तर पर रोग का फैलाव होने लगा है. मतलब, कम्यूनिटी ट्रांसमिशन. तो सम्भव नहीं कि कम केसों पर बात रुक जाए. अमेरिका या यूरोप की तरह मामले भारी-भरकम संख्या में आ सकते हैं. कहा कि भारत को अपने आर्थिक स्थिति को देखते हुए फ़ैसले लेने की ज़रूरत है ताकि देश को किसी भी रूप में संक्रामक रोगों की भारी क़ीमत न चुकानी पड़े.
डॉ. जांग ने कहा कि भारत ने लम्बा रास्ता चुना है. जो कि सही है. टेस्टिंग की दिशा में भारत ने जो क़दम उठाए हैं, वो सही हैं. कहा कि भारत ने चीन जैसे बीहड़ लॉकडाउन नहीं किए. लेकिन जो क़दम उठाए, वो भारत की राष्ट्रीय स्थिति के अनुरूप हैं. कहा कि चीन ने जो 100 परसेंट का लॉकडाउन किया, वो और देश नहीं कर सकते हैं. कहा,
“भारत चीन की रणनीति पर काम नहीं करेगा. मुझे लगता है कि भारत अमेरिका की रणनीति पर काम करेगा.”अमेरिका की रणनीति क्या? पूरे देश में एक ही रणनीति नहीं लगाई गयी है. कुछ राज्यों में लॉकडाउन पूरी तरह से लागू किया गया है. जबकि कुछ राज्यों ने अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए कामधाम चालू कर दिया है.
डॉ. जांग ने कहा कि केस बढ़ रहे हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि संक्रमण के फैलाव को रोका नहीं जा सकता है. उन्होंने कहा,
“केवल केसों की संख्या पर मत जाइए. अमेरिका और यूरोप में लाखों केस आए हैं. लेकिन वो काम, स्कूल और बिज़नेस शुरू करने के बारे में विचार कर रहे हैं.”डॉ. जांग के अनुसार कोरोनावायरस को बहुत हद तक क़ाबू में लाया जा चुका है. केसों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन आने वाले समय इस रोग से मरने वालों की संख्या में गिरावट आएगी. कहा कि इस रोग से अभी ही कम संख्या में लोग मर रहे हैं, इसे देखते हुए कई देशों ने अपने यहां की अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है.
लल्लनटॉप वीडियो : ये एक्ट्रेस लॉकडाउन में अपने घर पार्टी कर रहीं थी, पकड़ी गईं










